पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में तेज रफ्तार ट्रेनों से कटकर हाथियों की मौत के बढ़ते हादसों के मद्देनजर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने स्थिति के अध्ययन और इस तरह के मामलों को रोकने के लिए एक सात सदस्यीय समिति गठित की है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य वन्य जीव संरक्षक उज्ज्वल भट्टाचार्य ने बताया कि राज्य के दोआर इलाके में वर्ष 2006 से अब तक कम से कम दस हाथियों की तेज रफ्तार ट्रेनों से कटकर मौत हो चुकी है।
हमने इस बाबत केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से संपर्क किया जिसके चलते सात सदस्यीय समिति बनाई गई है। गौरतलब है कि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने भी हाथियों की ट्रेन हादसों में मौत के कारणों को जानने के लिए पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में एक सर्वेक्षण किया था।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने अपनी अनुशंसा में कहा था कि क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार कम की जाए और हाथियों को बचाने के लिए सतर्कता के स्तर में बढ़ोतरी की जाए।
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