डॉक्टरों ने गोवा में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए रोग पर काबू के लिए रणनीति तैयार करने पर बल दिया है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (गोवा) के महासचिव डॉ. शेखर सलकार ने कहा कि उपलब्ध आँकड़ों और जानकारी के बावजूद रोग की वजह का पता लगाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है।
इसके अलावा कोई एहतियाती कदम भी नहीं उठाए गए हैं। उच्च साक्षरता दर और प्रति व्यक्ति आय के लिए मशहूर तटीय राज्य गोवा स्तन कैंसर मरीजों की संख्या के लिहाज से प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार गोवा में हर साल कैंसर के औसतन एक हजार मामले आते हैं। इसके अलावा यहाँ औसतन प्रति एक लाख की आबादी पर 70 मामले हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 50 का है।
मेडिकल एसोसिएशन ने कहा है कि समय आ गया है कि राज्य सरकार इस रोग की बढ़ती समस्या की वजह का पता लगाने के लिए राज्यव्यापी पायलट परियोजना शुरू करें।
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