समाजवादी पार्टी के नेता अमरसिंह ने अपने इंदौर प्रवास के दौरान एनसीपी अध्यक्ष और केन्द्रीय कृषिमंत्री शरद पवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पवार ही ‘मुंबई के दंगल’ के लिए जिम्मेदार हैं, राज ठाकरे तो एक प्यादा मात्र हैं। इस पूरी योजना को अमली जामा पहनाने का काम पवार के दामाद अनिल बोके ने किया है। गौरतलब है कि बोके राज के खास सहायक माने जाते हैं।
अमरसिंह का मानना है कि मुंबई को ‘आमची मुंबई’ कहकर उत्तरप्रदेश और बिहार के लोगों को परेशान करना वास्तव में एक चुनावी प्रपंच है। इससे पहले राज ठाकरे कई बार अमिताभ बच्चन और उनके परिवार के साथ सार्वजनिक समारोहों में शामिल हो चुके हैं। यदि उन्हें बच्चन परिवार से आपत्ति रहती तो वे इन समारोहों में शामिल ही क्यों होते? यही नहीं राज ने अभिषेक बच्चन के साथ एक फिल्म भी साइन की थी। ये अलग बात है कि यह फिल्म शुरू ही नहीं हुई। पूना के एक समारोह में ठाकरे ही अभिषेक बच्चन को युवाओं के आदर्श के रूप में ले गए थे।
अमिताभ पर अँगुली उठाने के बहाने शिवसेना छोड़ चुके संजय निरूपम, नारायण राणे, राज ठाकरे आदि खुद को लाइमलाइट में लाना चाहते हैं। इसके साथ ही पवार बालासाहेब ठाकरे की पार्टी का वोट बैंक काटना चाहते हैं। अपनी इस योजना को फलीभूत करने के लिए उन्होंने राज नामक प्यादे को आगे कर दिया है।
सपा नेता ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर राज ठाकरे के मामले में बेहद ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। सिंह का कहना है कि पिछले कई दिनों से राज की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुंबई में उपद्रव मचा रखा है, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
पुलिस की नाक के नीचे नहीं बल्कि उनकी मान-मनोव्वल की बदौलत राज पुलिस आयुक्त डीएन जाधव की बेटी के विवाह समारोह में शामिल हुए और उनके कार्यकर्ता मराठवाड़ा में उपद्रव मचाते रहे। इस रवैये के बाद आम जनता पुलिस पर भरोसा कैसे करेगी?
राज ठाकरे को तुरंत जमानत मिलने के बारे में अमरसिंह का कहना है कि हम शांति चाहते हैं। हम चाहते हैं कि उत्तर भारतीयों के साथ अन्याय न किया जाए। यदि उत्तर भारतीयों की रोजी-रोटी पर आँच आएगी तो हम फिर आवाज उठाएँगे। जहाँ तक अमिताभ का मामला है तो वे इस मामले में कुछ नहीं बोलना चाहते।
|