महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के उत्तर भारतीय विरोधी अभियान के दौरान भड़की हिंसा के साथ यहाँ से बड़ी संख्या में उत्तर भारतीयों का पलायन जारी है और एक अनुमान के मुताबिक पिछले 48 घंटों में कम से कम दस हजार उत्तर भारतीयों ने नासिक से पलायन किया है।
यहाँ के अंबड और सातपुर के तमाम कारखानों में काफी संख्या में उत्तरप्रदेश और बिहार के श्रमिक काम करते हैं, लेकिन पिछले दो दिनों में हुई हिंसा से इनमें काफी भय का माहौल है। सूत्रों के अनुसार पलायन के लिए ट्रेन, बस, निजी वाहनों समेत हरसंभव साधन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नासिक रेलवे स्टेशन मंगलवार को दिन भर लोगों से खचाखच भरा रहा और किसी प्लेटफार्म पर पैर रखने की जगह नहीं थी। टिकट खिड़कियों पर लंबी-लंबी कतारें थीं। सबसे ज्यादा नुकसान अंबड़ एमआईडीसी इलाके में हुआ है। पलायन के कारण अंबड़ एमआईडीसी के लगभग 40 फीसदी छोटे-बड़े कारखाने बंद हो गए हैं।
अंबड़ औद्योगिक एवं उत्पादक संगठन के अध्यक्ष धनराज बेले ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पलायन के कारण उत्पादन ठप हो गया है और इस अप्रत्याशित संकट का कोई हल उन्हें सूझ नहीं रहा है।
उन्होंने कहा कि समस्या तीन-चार दिन और चली तो उत्पादन पूरी तरह बंद हो जाएगा और स्थानीय श्रमिक भी बेरोजगार हो जाएँगे। बेले के अनुसार इस संकट से उद्योग को 500 से 700 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
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