मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > प्रादेशिक
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
मायावती की केन्द्र को चेतावनी
उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री एवं बसपा अध्यक्ष मायावती ने केन्द्र की संप्रग सरकार पर आरोप लगाया कि वह भाजपा नेतृत्व वाली पूर्व राजग सरकार की तरह उन पर व्यक्तिगत एवं राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से 'ताज कॉरिडोर' मामले को फिर से जीवित करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने साथ ही यह भी धमकी दी कि दस मार्च को राज्य विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होने के बाद केन्द्र से समर्थन वापसी के मुद्दे पर निर्णय लिया जाएगा।

चौथी बार उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री बनने के बाद मध्यप्रदेश में रविवार को अपनी पहली 'सर्वसमाज भाईचारा बनाओ महारैली' को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि मुझे पर व्यक्तिगत और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए जिस तरह भाजपा नेतृत्व वाली पूर्व राजग सरकार ने ताज कॉरिडोर मामले में मुझे फँसाने का प्रयास किया था वैसा ही प्रयास एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार भी कर रही है।

उन्होंने कहा कि बसपा ने केन्द्र की संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन दिया है, लेकिन यदि वह राजनीतिक हथकंडों से बाज नहीं आई तो हम समर्थन वापसी पर विचार तो कर ही रहे हैं। इस पर दस मार्च को राज्य विधानसभा का बजट अधिवेशन समाप्त होने के बाद निर्णय भी ले लेंगे।

मायावती ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो कांग्रेस को भी वही राजनीतिक नुकसान उठाने को तैयार रहना चाहिए जो भाजपा को केन्द्र में सत्ता से हाथ धोकर उठाना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एवं भाजपा सहित सभी विरोधी दल बसपा के बढते जनाधार से चिंतित हैं और उन्हें व्यक्तिगत एवं राजनीतिक हानि पहुँचाने में जुटे हुए हैं।

चौथी बार मुख्यमंत्री बनते ही समाजवादी पार्टी के कथित समर्थकों द्वारा उन पर किए गए जानलेवा हमले का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि उन्हें और पार्टी को मिटाने के लिए उनके विरोधी किसी भी हद तक जा सकते हैं और उनकी हत्या तक हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर केन्द्र से स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) का सुरक्षा कवच उन्होंने माँगा था, लेकिन उसने अब तक यह उपलब्ध नहीं कराया है। यदि उनकी इस बीच हत्या हो जाती है तो इसके लिए कांग्रेस और केन्द्र की गठबंधन सरकार जिम्मेदार होगी।

मायावती ने कहा कि अगर उनकी हत्या हो जाती है तो पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक किसी कीमत पर इस सरकार को माफ नहीं करें तथा कानून की हद में रहकर ब्याज सहित इसका बदला लें।

उन्होंने कांग्रेस एवं अन्य दलों को चेतावनी दी कि उन्हें व्यक्तिगत एवं पारिवारिक तौर पर प्रताड़ित करने से बाज आएँ वरना वक्त बदलने पर यदि उन पर भी ऐसा ही हमला हुआ तब उन्हें उनकी पीड़ा का अंदाज होगा।

मध्यप्रदेश में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश की तर्ज पर बहुजन समाज के साथ सवर्ण समाज को भी जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए बसपा अध्यक्ष ने कहा कि समतामूलक समाज के निर्माण के लिए यह जरूरी है तभी हम यहाँ भी सत्ता में आ सकते हैं।
और भी
किडनी रैकेट को सरकार का संरक्षण-सपा
किन्नर बनाने के आरोप में गिरफ्तार
महाकुंभ के लिए 300 करोड़ का बजट
मैराथन मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर ढेर
उत्तरप्रदेश में छह लश्कर आतंकी गिरफ्तार
बाबा आमटे की आनंदवन में अत्येष्टि