प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह ने कहा कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार देश में तेज गति से अधोसंरचना विकास के लिए सड़कों, हवाई अड्डे और बंदरगाहों का जाल बिछाने की महत्वाकांक्षी योजना पर अमल कर रही है।
डॉ. सिंह ने यहाँ 1286 करोड़ रुपए की लागत से दो रेल परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद एक सभा में कहा कि अधोसंरचना विकास से आम लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा तथा तीव्र गति से विकास हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि इसके साथ भारत निर्माण योजना के तहत ग्रामीण इलाकों को बुनियादी सुविधाओं से लैस करने का काम भी तेजी से चल रहा है। गाँवों में सड़क, बिजली और टेलीफोन की उपलब्धता पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार देश में 370 महाविद्यालय और 30 विश्वविद्यालय भी शुरू करने जा रही है। हमारा प्रयास होगा कि मध्यप्रदेश भी इससे लाभान्वित हो।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल डॉ. बलराम जाखड़, रेलमंत्री लालूप्रसाद यादव, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, रेल राज्यमंत्री नारण भाई जे. राठवा, केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री सुरेश पचौरी, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री, कांतिलाल भूरिया तथा प्रधानमंत्री कार्यालय से संबद्ध राज्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान भी उपस्थित थे।
लालू यादव की प्रशंसा : प्रधानमंत्री सिंह ने देश में घाटे में चल रहे रेलवे को मुनाफे में लाने के लिए रेलमंत्री लालूप्रसाद यादव का करिश्मा बताते हुए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने देश में रेल लाइनों के विस्तार एवं विकास पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रेलमंत्री कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेलवे के विस्तार के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास हमें बताता है कि विकास का इंजन रेल लाइनों के माध्यम से ही देश के कोने-कोने तक पहुँचा है एवं जहाँ-जहाँ रेल लाइनें गई हैं, वहाँ विकास भी हुआ है। उन्होंने देश में रेलवे के विकास के लिए यादव को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी वे रेल विभाग को इसी चुस्ती से चलाएँगे।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर विवाद : आजादी के पाँच दशकों बाद भी उपेक्षित और पिछड़े मध्यप्रदेश के धार और झाबुआ आदिवासी अंचल में रेल लाइन लाने का श्रेय लेने के फेर में कांग्रेस और भाजपा ने प्रधानमंत्री की मौजूदगी वाले कार्यक्रम पर विवाद खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
मध्यप्रदेश में चुनावी साल में कांग्रेस के सांसद और केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री कांतिलाल भूरिया ने इसे अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में इंदौर से लेकर झाबुआ तक प्रचारित किया है। वहीं भाजपा की इंदौर सांसद सुमित्रा महाजन ने इसे चुनावी बिगुल समझकर प्रधानमंत्री को आगाह किया है कि वे जिस दाहोद-इंदौर रेल लाइन का शिलान्यास करने आ रहे हैं, उसकी आधारशिला एक बार रखी जा चुकी है और इस मार्ग पर ट्रेन भी चल रही है। श्रीमती महाजन कार्यक्रम में भी नहीं पहुँचीं।
श्रीमती महाजन ने कहा है कि इस परियोजना के लिए मक्सी में भूमिपूजन किया गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि इस रेल लाइन का मक्सी से इंदौर तक का हिस्सा पूरा हो चुका है और वर्ष 2003 में तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई है।
|