एक टन कागज को रिसाइकिल करने से सात हजार गैलन पानी और 17 बड़े वृक्षों को बचाया जा सकता है। यह लाइन निश्चित ही पर्यावरण के प्रति जागरूक लोगों के लिए प्रेरणास्प्रद बन सकती है। बेंगलुरू की येलहांका टाउनशिप के लोगों ने इस लाइन पर अमल करने की तैयारी भी पूरी कर ली है।
सिटीजन फोरम येलहांका न्यू टाउन (सीएफवायएनटी) द्वारा बंगलोर में ग्रीन एंड क्लीन अभियान के तहत घरों से निकलने वाले कचरे से पैसा कमाने का अनोखा मिशन शुरू किया जा रहा है। मिशन का नाम रखा गया है वेल्थ आउट ऑफ वेस्ट (वॉव)। येलहांका टाउन शिप में बंगलोर महानगर पालिका के कमिश्नर एस. सुब्रह्मण्यम भी रहते हैं और वे स्वयं इस अभियान में रूचि ले रहे हैं।
यह है योजना अभियान के तहत कारपोरेट क्षेत्र की अग्रणी कंपनी आईटीसी प्रत्येक घर में दो बैग देगी, जिनमें से एक में रद्दी कागज, पुरानी किताबें, मैग्जीन, न्यूजपेपर, कार्टन आदि जमा किए जा सकेंगे। दूसरे बैग में प्लास्टिक, काँच, धातु, कबा़ड़ जैसी चीजें जमा की जाएँगी।
एक निश्चित तारीख पर आईटीसी की गाड़ी घर-घर आएगी और बाजार कीमत पर सारा कबाड़ खरीदकर ले जाएगी। इसके साथ ही महानगर पालिका द्वारा घरों से निकलने वाला गीला कचरा भी घर-घर जाकर जमा किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया के तहत आईटीसी घरों से 40 फीसदी तक कबाड़ा साफ कर देगी। इसी तरह का एक प्रोजेक्ट हैदराबाद में भी चलाया जा रहा है, जहाँ दो लाख घर योजना का लाभ ले रहे हैं।
ऐसे होगा निपटारा कचरे का निपटारा करने के लिए सीएफवायएनटी ने पाँच लाख रुपए की लागत से भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) की मदद से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट लगाया है। जिसमें गीले कचरे से सूखा कच्चा माल तैयार किया जाएगा। इसका उपयोग विभिन्न उद्योगों में किया जा सकेगा। इस तरह घरेलू कचरे को रिसाइकिल करने के लिए न तो उसे जमीन में दफनाना प़ड़ेगा और न ही डंपिंग ग्राउंड पर डालना पड़ेगा।
|