उत्तरप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज, आँसू गैस के गोले छोड़े जाने, पानी की बौछार तथा हवाई फायरिंग में 13 कर्मचारी घायल हुए हैं और 5 पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की सूचना है।
गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि कोई भी कर्मचारी गंभीर रूप से घायल नही है। राज्य सडक परिवहन निगम के सभी मार्ग एवं रोडवेज बस स्टेशनों को आनन-फानन में पीपीपी मॉडल के आधार पर निजी क्षेत्र में देने के गोपनीय सरकारी निर्णय से कर्मचारी आक्रोशित हैं।
निगम द्वारा 12 दिसंबर को जारी अधिसूचना तथा 14 दिसंबर को परिवहन निगम के 240 बस अड्डे विकासकर्ताओं को देने संबंधी निगम के जबरिया प्रस्ताव को अब समाप्त करने की माँग की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि परिवहन निगम के बस अड्डों को निजी क्षेत्र में दिए जाने तथा अनेक रूटों पर निजी बसों के संचालन के विरोध में परिवहन निगम मुख्यालय टेढ़ीकोठी में मंगलवार को निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी सभा कर रहे थे। सभा में करीब 6 हजार से अधिक कर्मचारी जमा थे।
अचानक बिना पूर्व अनुमति के कर्मचारी निगम मुख्यालय से बाहर आकर धरना-प्रदर्शन करना चाहते थे। चूँकि इन कर्मचारियों को मुख्यालय से बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी इसलिए पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया। घायलों को स्थानीय बलरामपुर चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
24 घंटे का चक्काजाम : रोडवेज एम्पलाइज यूनियन के अध्यक्ष रामजी त्रिपाठी ने कहा कि कर्मचारियों पर की गई पुलिस कार्रवाई के विरोध में परिवहनकर्मियों ने मंगलवार मध्यरात्रि से 24 घंटे के लिए रोडवेज बसों का चक्काजाम करने का फैसला लिया है।
त्रिपाठी ने कहा कि निगम मुख्यालय पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे परिवहन कर्मियों पर पुलिस द्वारा की गई बर्बर कार्रवाई में कम से कम 100 कर्मचारी घायल हुए हैं। तीन लापता कर्मियों के बारे में अभी तक कोई सूचना नहीं है।
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