सर्वशिक्षा अभियान के तहत जनपद कानपुर देहात में बीआरसी/एनपीआरसी समन्वयकों के चयन में भारी अनियमितता, रिश्वतखोरी एवं भ्रष्टाचार की बात सामने आई है। अनेक अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया निरस्त करने हेतु मुख्यमंत्री मायावती से माँग की है।
कानपुर देहात के अनेक शिक्षकों ने डाइट प्राचार्य पुखरायाँ, कानपुर देहात व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कानपुर देहात द्वारा बीआरसी चयन में समन्वयकों की नियुक्ति हेतु तथा एबीआरसी व एनपीआरसी समन्वयकों से भी नकद धनराशि लेकर चयन किए जाने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि पिछले तीन माह से यहाँ भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
आरोप है कि कानपुर देहात में बीआरसी समन्वयकों की नियुक्ति में 30 से 35 हजार रुपए तथा एबीआरसी तथा एनपीआरसी समन्वयकों में 15 से 20 हजार रुपए लेकर चयन किया गया है।
पुलिस भर्ती घोटाला : उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि वर्ष 2005 व 2006 में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पुलिस, पीएसी तथा वायरलेस में हुई भर्तियों में की गई अनियमितताओं, भ्रष्टाचार तथा अवैध धन उगाही के मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सोमवार को ही सीबीआई को पत्र भी भेज दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार राजनीतिक विद्वेष से किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई करने के पक्ष में नहीं है, परन्तु जनता को सच्चाई जानने का पूरा हक है।
'मुक्ताकाश' का लोकार्पण : मंजूषा परिषद के तत्वावधान में यूपी प्रेस क्लब एवं उपकार सोसायटी के सहयोग से डॉ. मंजु शुक्ल के काव्य संकलन 'मुक्ताकाश' का लोकार्पण हिन्दी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शम्भुनाथ द्वारा किया गया। इस अवसर पर कवयित्री डॉ. मंजु शुक्ल का सारस्वत सम्मान भी प्रदान किया गया। डॉ. मंजु शुक्ल के गीतों, गजलों का गायन प्रो. कमला श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द शुक्ला ने किया।
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