पेशे से हलवाई, काम जलेबी, पेड़ा और रसगुल्ले बनाना, लेकिन ट्रेन के एसी कोच में यात्रा कर रहा था सांसद बनकर।
टिकट चेकर के पूछने पर उसने सांसद का रुतबा दिखाकर उसे हड़काया भी। जब रेलवे पुलिस ने दो-चार करारे हाथ रसीद किए तो वह हलवाई की भूमिका में वापस आ गया।
रेलवे पुलिस ने बताया कि हावड़ा से जोधपुर जाने वाली ट्रेन 2007 जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस के एसी-2 कोच में इलाहाबाद से भरत गुप्ता अपनी पत्नी के साथ कानपुर आ रहे थे। जब इनसे टिकट के बारे में पूछा गया तो भरत गुप्ता ने अकड़कर कहा कि मैं सांसद हूँ और यह मेरा परिचय-पत्र है। आई कार्ड पर भरत गुप्ता का नाम और फोटो था तथा पलिया खीरी का पता दर्ज था।
टीसी को शक हो गया। उसने कानपुर सेंट्रल रेलवे के आला अधिकारियों को सूचित कर दिया। जैसे ही कानपुर स्टेशन पर ट्रेन रुकी, जीआरपी ने फर्जी सांसद को घेर लिया और उनसे कड़ाई से पूछताछ की तथा दो-चार थप्पड़ भी रसीद किए।
इतने में ही सांसद महोदय की अक्ल ठिकाने आ गई और गुप्ता ने बताया कि वह हलवाई है और यह कार्ड संसद भवन दिल्ली में काम करने वाले किसी रिश्तेदार ने दिया था। रेलवे पुलिस ने उनसे 2348 रुपए जुर्माना वसूला तथा मामले की जाँच आरंभ कर दी।
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