बर्ड फ्लू का खौफ आज दार्जिलिंग तक जा पहुँचा जहाँ 38 मुर्गियाँ मरी मिलीं। उधर पश्चिम बंगाल के 13 प्रभावित जिलों में पक्षियों को मारने का अभियान जारी है।
दार्जिलिंग के मजिस्ट्रेट राजेश पांडेय ने बताया कि उत्तरी बंगाल के दार्जिलिंग जिले के तकदाह गाँव में कल रात 38 मुर्गियाँ मर गईं।
उन्होंने बताया कि मुर्गियों के खून के नमूने परीक्षण के लिए लेबोरेटरी भेजे गए हैं और उनके परिणाम आने के बाद ही इस संबंध में जरूरी योजना तैयार की जाएगी।
मुर्शिदाबाद जिले में अब तक 5 लाख 80 हजार मुर्गियों को मारा जा चुका है और तकरीबन 50 हजार को अभी मारा जाना बाकी है। जिला मजिस्ट्रेट सुबीर भद्र ने बताया कि मुर्गियों को मारने का ज्यादातर काम सुमेरगंज बेलदंगा और कांडी ब्लाक इलाकों में किया गया है।
पश्चिमी मिदनापुर जिले में जहां डेबरा ब्लाक में बर्ड फ्लू का पता चला था मुर्गियों को मारने का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जिला अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि भीषण सर्दी और बरसात के कारण मुर्गियों को मारने के काम में बाधा आ रही है।
इस बीच राज्य पशुपालन मंत्रालय ने कोलकाता से सटे उत्तरी 24 परगना जिले में करीब चार हजार मुर्गियों की मौत के बाद मारी जाने वाली मुर्गियों की संख्या बढ़ाकर 27 लाख कर दी है।
हालाँकि जिले को अभी बर्ड फ्लू से प्रभावित घोषित नहीं किया गया है लेकिन एहतियात के तौर पर मुर्गियों को मारने का काम जारी है।
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