बालासाहेब ठाकरे, शिवसेना के संस्थापक के बेटे उद्धव, उनकी राजनीति संभाल रहे हैं, लेकिन उद्धव के बेटे ने सुर पक़ड़ लिया है। सुर का रास्ता उसकी कलम से निकलता है और आदित्य उद्धव ठाकरे के नाम से वह लिखता है। एक परिवार में कितनी विविधता है, यह इसकी मिसाल है। बालासाहेब कार्टूनिस्ट थे, फिर राजनीति में आए, बेटा राजनीति कर रहा है और पोता कविताएँ लिखता है।
17 साल के इस ल़ड़के ने अपने गीतों से लोगों को चौंका दिया है। एलबम का नाम है 'उम्मीद'। आदित्य ने इस एलबम के लिए 17 गीतों को लिखा है। इसके कम्पोजर हैं मयुरेश पई।
खासियत यह है कि 'उम्मीद' में जीवन के हर पहलू को रखा गया है। इसमें अध्यात्म, रोमांस, अलगाव आदि। गीतों को आवाज सुरेश वाडकर, देवकी पंडित, शंकर महादेवन, कैलाश खेर, सुनिधि चौहान, कुणाल गाँजावाला व अन्य। जगदीश माली ने इस वीडियो एलबम को निर्देशित किया है।
दादा ने दिया हौसला आदित्य कहते हैं, तीन साल पहले जब मेरे दिमाग में कविताएँ लिखने की बात उठी, तो मैं लिखने लगा। एक दिन अजोबा (बालासाहेब ठाकरे) ने यह कविताएँ प़ढ़ीं और इन्हें प्रकाशित कराने को कहा। उनके ही प्रोत्साहन से मेरी कविताओं की पुस्तक 'माय थॉट्स इन ब्लैक एंड व्हाइट' प्रकाशित हो सकी। इस पुस्तक में से एक कविता 'एक परिंदा' को सुरेश वाडकर और देवकी पंडित ने गाया है।
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