फिल्मी परदे पर धूम्रपान न करने की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदॉस की सलाह पर पलटवार करते हुए शाहरुख खान ने कहा है कि यह कला की आजादी पर हमला है।
एक समारोह में शाहरुख ने कहा फिल्म व कला के क्षेत्र में रचना की पर्याप्त आजादी होनी चाहिए और किसी को भी छोटी-छोटी बातों को नहीं पकड़ना चाहिए। फिल्मों में कई चीजें हकीकत के ज्यादा से ज्यादा करीब दिखाने के लिए फिल्माई जाती हैं और इन पर सेंसरशिप की व्यवस्था नहीं करनी चाहिए। रामदॉस ने जो कहा था उसे मैंने देखा है, मैं उनसे सहमत हूँ और मुझे लगता है कि यह काफी अच्छा विचार है।
क्या कहा था रामदॉस ने : एक न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में रामदॉस ने कहा कि मैं शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन और दूसरे फिल्मी सितारों से निवेदन करता हूँ कि वे फिल्मों में धूम्रपान वाले सीन न करें। उन्होंने एक क्रिकेट मैच में धूम्रपान करने के लिए शाहरुख की आलोचना भी की थी।
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