कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव बेबी जॉन का यहाँ के एक अस्पताल में मंगलवार को तड़के निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे और 88 वर्ष के थे।
उनके परिवार में पत्नी अन्नम्मा के अलावा दो बेटे तथा एक बेटी है। केरल की गठबंधन राजनीति में वे कई दशक तक एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती बने रहे। प्रदेश की राजनीति में उन्हें केरल किसिंजर कहा जाने लगा था। राजनीतिक संकट को सुलझाने में वे माहिर थे।
जॉन ने प्रदेश की विभिन्न सरकारों में विभिन्न विभाग संभाले। उन्होंने सी. अच्युत मेनन के करुणाकरण, एके एंटनी, ईके नयनार और पीके वासुदेवन नायर की सरकारों में महत्वपूर्ण पद संभाले।
जॉन के लंबे और चमकदार राजनीतिक करियर में अचानक रुकावट आ गई जब 1990 के दशक में उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उस समय वे ईके नयनार की सरकार में सिंचाई मंत्री थे।
उसके बाद से वे अपने घर में ही रहते आ रहे थे। एक स्वतंत्रता सेनानी तथा ट्रेड यूनियन नेता जॉन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक छात्रनेता के रूप में की थी। आंदोलनों में भाग लेने के कारण वे कई बार गिरफ्तार किए गए।
कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में राजनीति की शुरुआत करने वाले जॉन बाद में वाम विचारधारा से प्रेरित होकर रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के संस्थापक सदस्य बने।
कोल्लम जिले के चावरा में जॉन का जन्म 1920 में हुआ था। पिता का नाम सेबेस्टियन जॉन तथा माता का नाम मैरी जॉन था। जॉन पहली बार 50 के दशक में त्रावणकोर, कोचीन विधानसभा सीट से चुने गए थे।
केरल प्रदेश बनने के बाद वे 60 से 96 तक लगातार केरल विधानसभा के सदस्य रहे। उन्होंने अधिकांश समय अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र चावरा का प्रतिनिधित्व किया।
जॉन के बीमार पड़ने के बाद पार्टी कई धड़ों में टूट गई। इनमें से एक धड़े की अगुवाई उनके पुत्र तथा पूर्व विधायक शिबू बेबी जॉन कर रहे हैं।
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