इस साल जनवरी के तीसरे सप्ताह तक पोलियो के 222 नए मामले सामने आने से पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम को करारा झटका लगा।
पोलियो के मामले में पिछले कई सालों से आलोचना झेल रहे उत्तरप्रदेश को पीछे छोड़कर बिहार का पहले स्थान पर आना केंद्र और राज्य सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि देश में इस साल जनवरी के तीसरे सप्ताह तक पोलियो के 222 नए मामले आने के साथ ही देश के 13 राज्यों में पोलियो के मामलों की संख्या बढ़कर 756 हो गई है। खतरनाक वायरस पी-1 के मामलों की संख्या 78 और वायरस पी-3 के मामलों की संख्या बढ़कर 681 हो गई है।
वर्ष 2007 के अंत तक देश में पोलियो के 534 मामले सामने आए थे जिसमें वायरस पी-1 के 72 और वायरस पी-3 के 464 मामले थे।
बिहार में इस साल जनवरी के तीसरे सप्ताह तक पोलियो के नए मामलों सहित कुल 396 मामले सामने आ चुके हैं। 16 जिलों में खतरनाक वायरस पी-1 के 39 मामले और 34 जिलों में वायरस पी-3 के 355 मामले सामने आए हैं।
दो जिलों में वायरस पी-1 और पी-3 के मिले दो मामले भी आए हैं। अब पोलियो के मामले में बिहार, उत्तरप्रदेश को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर आ गया है जो गंभीर चिंता का विषय है। बिहार में वायरस पी-3 के मामलों में भारी वृद्धि हुई है।
बिहार में वर्ष 2007 तक पोलियो के मामलों की संख्या 193 थी जिसमें वायरस पी-1 के 36 और वायरस पी-3 के 158 मामले शामिल थे।
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