पश्चिम बंगाल में दो और जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो जाने के बाद राज्य के 19 में से 13 जिले इस रोग की चपेट में आ गए हैं।
अभी तक किसी व्यक्ति के इससे प्रभावित होने की खबर नहीं है और राज्य सरकार ने कहा है कि किसी व्यक्ति के एच5एन1 वायरस से प्रभावित होने की स्थिति से निबटने के लिए वह पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों के अनुसार दक्षिणी 24 परगना और पश्चिमी मिदनापुर भी बर्ड फ्लू से प्रभावित जिलों की सूची में शामिल हो गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी और कहा कि कल से मुर्गियाँ मारने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
दोनों जिलों के अधिकारियों ने बर्ड फ्लू की पुष्टि कर दी है। पश्चिमी मिदनापुर के जिलाधिकारी एनएस निगम ने कहा कि खड़गपुर अनुमंडल के चकबेलचा गाँव से मुर्गियों के नमूनों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है। दक्षिणी 24 परगना के जिलाधिकारी ने भी इसकी पुष्टि की। निगम ने कहा कि चकबेलचा गाँव के पाँच किलोमीटर के दायरे में 40 टीमें कल से मुर्गियाँ मारने का काम शुरू करेंगी। इस बीच हावड़ा जिले के एक अन्य ब्लॉक में संक्रमण के कुछ मामले सामने आने के साथ ही कोलकाता को इस रोग से मुक्त रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के पशु संसाधन विकास मंत्री अनीसुर रहमान ने बताया कि 11 जिलों में लगभग 15.75 लाख पक्षियों को मारा जा चुका है। बाकी मुर्गियों को मारने का काम कल पूरा किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बीरभूम, दक्षिणी दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, नादिया, बर्दवान, बाँकुरा, मालदा, कूचबिहार, हुगली, पुरुलिया तथा हावड़ा बर्डफ्लू की चपेट में हैं।
राज्य के वित्तमंत्री असीम दासगुप्ता ने कहा कि सरकार उन पाँच लाख परिवारों को आर्थिक एवं अन्य तरह की मदद मुहैया कराएगी जिनकी मुर्गियाँ मारी गई हैं।
उन्होंने कहा- हमने इन परिवारों को एकमुश्त 500 रुपए प्रति परिवार राहत देने का फैसला लिया है और इसके लिए 25 करोड़ रुपए की जरूरत होगी।
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