पुलिस ने गुडगाँव में गुर्दे का अवैध धंधा चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर एक डॉक्टर और दो महिला सहित उसके चार विदेशी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गुर्दे का यह कारोबार उपेन्द्र नाम का एक डॉक्टर गुड़गाँव के सैक्टर 23 स्थित एक घर के तहखाने में चला रहा था।
यहाँ फर्जी नाम से एक अस्पताल खोला गया था, जहाँ आरोपी डॉक्टर और उसके साथ उत्तरप्रदेश और बिहार से आने वाले गरीब लोगों को झाँसा देकर फँसाते थे और बाद में उनकी जानकारी के बगैर उनके गुर्दे निकाल लेते थे।
सूत्रों के मुताबिक यह गिरोह अब तक तकरीबन 500 लोगों के गुर्दे इसी तरह निकाल चुका है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति को उसका गुर्दा निकाले जाने का पता लग जाता था तो 50 हजार से एक लाख रुपए देकर उसका मुँह बंद कर दिया जाता था और डॉक्टर बाद में इन गुर्दों को 15 से 20 लाख रुपए में विदेशियों को बेच देता था। उपेन्द्र बल्लभगढ़ में श्रीराम नाम से एक अस्पताल भी चलाता था। उत्तरप्रदेश में भी छापे : गुड़गाँव में गुर्दे का अवैध धंधा चलाने वाले गिरोह के भंडाफोड़ के बाद उत्तरप्रदेश पुलिस द्वारा इस धंधे में शामिल लोगों की धरपकड़ के लिए कई जगह छापे मारे। उत्तरप्रदेश और हरियाणा पुलिस ने पाँच लोगों की गिरफ्तारी के साथ यह धंधा चलाए जाने का भंडाफोड़ किया था। यह गिरोह उत्तरप्रदेश से हरियाणा तक फैला हुआ है।
उत्तरप्रदेश पुलिस ने मुरादाबाद के गरीब पीड़ितों से शिकायत प्राप्त होने के बाद इस मामले में कार्रवाई की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जो लोग गिरफ्तार हुए हैं उनमें एक डॉक्टर उमेश, एक झोलाछाप डॉक्टर तथा तीन अन्य हैं। पुलिस ने बताया कि आगरा, हापुड़ और गाजियाबाद के तीन मरीजों का गुर्दा उनकी जानकारी के बिना निकाल लिया गया। गिरोह के तार मेरठ, मुरादाबाद, फरीदाबाद और गुड़गाँव तक हैं।
मुंबई में भी वांछित : दूसरी ओर मुंबई पुलिस ने आज दावा किया कि गुड़गाँव में सामने आए गुर्दा रैकेट का सूत्रधार डॉ. अमित कुमार मुंबई में 1993 में घटे इसी तरह के प्रकरण में भी वांछित है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त राकेश मारिया ने बताया कि गुड़गाँव प्रकरण में वांछित डॉ. अमित कुमार कोई और नहीं वही डॉ. संतोष राउत है, जो मुंबई में 1993 के गुर्दा रैकेट में लिप्त था।
1993 के मामले के बाद ही सरकार ने मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम में संशोधन कर इसे अपराध करार दिया था। 1994 में वह जमानत पर छूटने के बाद फरार हो गया और तब से वह नाम बदल बदलकर इस अपराध में लिप्त है। पुलिसे के अनुसार कुमार जयपुर, गुंटूर, हैदराबाद में भी इसी तरह के मामलों में वांछित है।
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