इस वर्ष नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में प्रस्तुत होने वाली उत्तरप्रदेश की झाँकी 'रानी लक्ष्मीबाई' के शौर्य तथा वीरता पर केन्द्रित होगी।
झाँकी में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को चित्रित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के आयोजन पर राजपथ पर निकलने वाली परेड में उत्तरप्रदेश की झाँकी 'रानी लक्ष्मीबाई' के शौर्य एवं वीरता पर आधारित होगी।
स्वतंत्रता संग्राम में उत्तरप्रदेश का अग्रणी स्थान रहा है तथा स्वतंत्रता की ज्वाला की शुरुआत 10 मई को मेरठ में अंग्रेजी कुशासन के खिलाफ विद्रोह के रूप में फूटी थी, जो देश के विभिन्न हिस्सों में चिंगारी का रूप धारण करके स्वतंत्रता की नई मिसाल बनी। इसी पर आधारित रानी झाँसी की वीरता, बहादुरी, शौर्य, बलिदान और त्याग को झाँकी के रूप में प्रदर्शित किया गया है।
रानी लक्ष्मीबाई ने 'अपनी झाँसी नहीं दूँगी' के उद्घोष के साथ अंग्रेजों को चुनौती दी और ऐतिहासिक संघर्ष किया। इस संग्राम में मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी ने अपने प्राणों की आहुति दी।
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