जिले की एक फास्ट ट्रैक अदालत ने वर्ष 2006 की 5 अप्रैल को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद के पाँच आतंकवादियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाए पाँचों आतंकवादियों पर वाराणसी के संकटमोचन बम विस्फोट कांड के मुख्य अभियुक्त वलीउल्लाह का सहयोगी होने का आरोप है।
न्यायाधीश धर्मराज मिश्र की अदालत ने बुधवार को वर्ष 2006 मे गिरफ्तार पाँचों आतंकवादियों महबूब आलम, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद शाद और फरहान को आजीवन कारावास के अलावा भादसं की अन्य धाराओं मे 32 वर्ष के कारावास के साथ प्रत्येक पर 40 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।
न्यायाधीश मिश्र ने अपने आदेश मे कहा है कि अभियुक्तों को मिली सारी सजाएँ एक साथ चलेंगी। फास्ट ट्रैक अदालत से आज सजा पाए पाँचों आतंकवादियों को राजधानी के सरोजनीनगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था और उनके पास एक एके-47 राइफल आरडीएक्स एवं अन्य विस्फोटकों के साथ बड़ी संख्या में हथियार तथा राजधानी लखनऊ, वाराणसी और बाराबंकी नगरों के नक्शे बरामद किए गए थे।
अभियोजन पक्ष ने उक्त पाँचों आतंकवादियों पर संकटमोचन कांड के मुख्य अभियुक्त वलीउल्लाह का सहयोगी रहे होने का भी आरोप लगाया था।
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