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आधा बंगाल बर्ड फ्लू की चपेट में
पश्चिम बंगाल में बर्ड फ्लू का संक्रमण लगातार फैल रहा है और इसी क्रम में बुधवार को कूच बिहार और हुगली को भी बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।

इसके साथ ही राज्य में बर्ड फ्लू प्रभावित जिलों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है जबकि प्रशासन ने प्रतिदिन तीन लाख मुर्गियों को मारने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

प्रदेश के पशु संसाधन विकास मंत्री अनीसुर रहमान ने बताया कि कूच बिहार और हुगली जिले से मुर्गियों के नमूनों को कल भोपाल स्थित उच्च सुरक्षा रोग प्रयोगशाला में जाँच के लिए भेजा गया गया था और इनमें बर्ड फ्लू के विषाणु पाए गए।

उन्होंने कहा ‍कि हमें इस संबंध में केंद्र सरकार से सूचित किया गया है। इसी के अनुरूप कदम उठाए जाएँगे।

रहमान ने बताया बर्ड फ्लू प्रभावित कूच बिहार और हुगली जिलों के अधिकारियों को आधिकारिक रूप से अधिसूचित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। इसमें मुर्गियों को मारने से लेकर अन्य उपाय शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि कूचबिहार जिले के दिनहाटा और हुगली जिले के बालागढ़ से एकत्र किए गए नमूनों में बर्ड फ्लू के विषाणु पाए गए हैं। मंत्री ने कहा अभी तक हालाँकि मनुष्यों में बर्ड फ्लू फैलने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।

उन्होंने बताया प्रभावित क्षेत्रों में कम से कम 20 लाख मुर्गियों को मारने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन इसे बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने बताया अब प्रतिदिन तीन लाख मुर्गियों को मारने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए 600 दलों को काम पर लगाया गया है। इसके अतिरिक्त हरियाणा, असम, महाराष्ट्र, झारखंड, उड़ीसा समेत आठ राज्यों से 150 तकनीकी दल जल्द ही मुर्गियों को मारने के कार्य में लगाए जाएँगे।

रहमान ने बताया पश्चिम बंगाल की पड़ोसी राज्यों से लगने वाली सीमा को पहले ही सील कर दिया गया है।

नदिया के जिला मजिस्ट्रेट ओमकारसिंह मीणा ने बताया कि बर्ड फ्लू के विषाणु का जिले के हरीनघटा और नखाशिपारा ब्लाकों में प्रसार हो गया है। इन दोनों इलाकों के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है। विषाणु प्रभावित दूसरे क्षेत्रों में मुर्गे-मुर्गियों को मारा जा रहा है।

मुर्शिदाबाद के जिला अधिकारियों ने बताया कि जिले के गालसिर-1 ब्लॉक में बीमारी फैल गई है। जबकि जिले के ही आठ अन्य ब्लॉक पहले से ही बर्ड फ्लू से प्रभावित हैं।

राज्य के पशु संसाधन विभाग के उपनिदेशक एनके शित ने बताया कि मालदा जिले में कर्मचारियों की कमी के कारण मुर्गे-मुर्गियों को मारने का काम आरंभ नहीं हो सका है। मालदा को सोमवार में ही बर्ड फ्लू प्रभावित जिला घोषित किया गया था।

दूसरी ओर ग्रामीणों को भय है कि यदि त्वरित रूप से मुर्गे-मुर्गियों को मारा नहीं गया तो सीमावर्ती उत्तरी दीनाजपुर जिले में भी बर्ड फ्लू फैल सकता है। अधिकारियों ने बताया कि बाँकुरा जिले में अभी तक केवल 800 मुर्गे-मुर्गियों को मारा गया है।

बर्धमान जिले के पूरबस्थली ब्लॉक के तहत आने वाले आठ गाँवों में बीमारी को नियंत्रित करने के लिए कालना और कटवा प्रशासन में मतभेद के चलते अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।

जिला मजिस्ट्रेट सुबीर चटर्जी ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कटवा प्रशासन से कहा है कि मुर्गे-मुर्गियों को मारने का कार्य बुधवार से आरंभ किया जाए। इस बीच बर्धमान जिले में बीती रात करीब 700 मुर्गे-मुर्गियाँ बर्ड फ्लू के कारण मर गए।

हावड़ा जिले की सीमा से सटे कोलकाता में मुर्गियों की मौत की खबर आने के बाद एक केंद्रीय दल आज सुबह बीरभूम जिला पहुँचा। बाँकुरा जिले से मिल रही खबरों में कहा गया है कि यहाँ मुर्गे-मुर्गियों को मारने का कार्य धीमी गति से जारी है।
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