अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम की मित्र मोनिका बेदी के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट मामले में भोपाल जिला सत्र न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आरएस गर्ग ने संज्ञान में लेते हुए प्रकरण संबंधित रिकॉर्ड का अवलोकन कर पुनरीक्षण के लिए लिस्ट करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायालय ने राज्य सरकार व मोनिका बेदी को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई के लिए 10 मार्च की तिथि निर्धारित की है। गौरतलब है कि फर्जी पासपोर्ट मामले में भोपाल सीजेएम अजय श्रीवास्तव की अदालत ने 16 जुलाई, 2007 को फर्जी पासपोर्ट मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम की मित्र व सिने नायिका मोनिका बेदी को सबूतों के आभाव में बरी कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी जिसकी सुनवाई करते हुए जिला सत्र न्यायाधीश रेणु शर्मा ने 6 सितंबर, 2007 को सरकार की अपील खारिज करते हुए सीजेएम कोर्ट का फैसले को बरकरार रखा था। इस फैसले के खिलाफ भी सरकार ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी जिसमें कमियाँ होने के कारण उसे सुनवाई में नही लिया गया था।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आरएस गर्ग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रकरण संबंधित रिकॉर्ड का अवलोकन कर कहा कि यह एक उपयुक्त प्रकरण है, जिसमें पुनरीक्षण के संबंध में धारा 397, 401 के तहत उच्च न्यायालय को दिए गए अधिकारों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मत के साथ उन्होंने मामलों में दायर की गई अन्य अपीलों को भी एक साथ 10 मार्च को लिस्ट करने व राज्य सरकार और मोनिका बेदी को नोटिस जारी करने के निर्देश रजिस्ट्री विभाग को दिए। राज्य सरकार व मोनिका बेदी को जवाब प्रस्तुत करने के लिए छह सप्ताह का समय प्रदान किया गया है।
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