बड़े भाई और भाजपा नेता प्रमोद महाजन की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे प्रवीण महाजन ने बंबई उच्च न्यायालय में अपनी अपील में कहा है कि उसके बड़े भाई को उनका सचिव विवेक मोइत्रा ब्लैकमेल कर रहा था।
निचली अदालत ने पिछले माह प्रवीण को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रवीण ने उच्च न्यायालय में अपील की है। बंद कमरे में सुनवाई के दौरान प्रवीण की गवाही दर्ज की गई जिसमें उसने प्रमोद को गोली मारने से पहले के घटनाक्रम के बारे में बताया।
अपील में प्रवीण ने कहा कि वह 22 अप्रैल को प्रमोद से मिलने के लिए उनके घर गया था क्योंकि वह उनसे कहना चाहता था कि उनका सचिव विवेक मोइत्रा उन्हें (प्रमोद को) ब्लैकमेल न करे।
अपील में हालाँकि यह नहीं कहा गया है कि मोइत्रा क्यों और कैसे प्रमोद को ब्लैकमेल कर रहा था। अपील के अनुसार पूरी संभावना थी कि मोइत्रा प्रमोद को ब्लैकमेल कर रहा था।
अपील में यह भी कहा गया है कि जब प्रवीण ने प्रमोद से पूछा कि मोइत्रा को उनके (प्रमोद) के अलकनंदा के साथ संबंधों की जानकारी कैसे हुई तो प्रमोद ने कुछ नहीं कहा। अपील के अनुसार तब प्रवीण के मुँह से निकला कि प्रमोद को ब्लैकमेल करने के पूरे हालात थे।
प्रवीण ने अपील में कहा है कि इसके बाद प्रमोद ने उसकी (प्रवीण) पत्नी सारंगी के बारे में कुछ टिप्पणियाँ कीं। प्रवीण को लगा कि इस मामले में आगे बहस करने का कोई मतलब है। अत: उसने तिपाई पर रखी पिस्तौल उठाई और जाने के लिए तैयार हो गया।
अपील में आगे कहा गया है कि तब प्रमोद यह सोचकर डर गए कि प्रवीण कुछ करना चाहता है। इसलिए उन्होंने पिस्तौल छीनने की कोशिश की। इसी छीना-झपटी के दौरान दुर्घटनावश गोली चल गई।
निचली अदालत के फैसले के बारे में अपील में कहा गया है कि अदालत को प्रमोद की पत्नी रेखा महाजन और बहनोई गोपीनाथ मुंडे की गवाही पर विचार नहीं करना चाहिए था क्योंकि दोनों ही सिखाए-पढ़ाए गवाह थे। मुंडे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं।
अपील में कहा गया है कि रेखा महाजन ने अदालत में झूठ कहा कि प्रवीण प्रमोद की हत्या से कुछ दिन पहले उनसे एक करोड़ रुपए माँग रहा था।
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