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बिलकीस मामले में 11 को उम्रकैद
मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकीस बानो का सामूहिक बलात्कार और उसके रिश्तेदारों की हत्या के मामले में 11 दोषियों को सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई।

इस कांड में दोषी ठहराए गए 12वें व्यक्ति सोमाभाई गोरी को तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई। गोरी पुलिस अधिकारी है और उसको इस कांड के अपराधियों को बचाने का दोषी पाया गया। विशेष अदालत ने सात लोगों को सबूत के अभाव के चलते बरी कर दिया। एक आरोपी की अदालती कार्यवाही के दौरान मृत्यु हो गई।

विशेष अदालत ने जिन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई उनमें जसवंतभाई नाई, गोविंदभाई नाई, शैलेश भट्ट, राधेश्याम शाह, विपिन जोशी, केशरभाई वोहानिया, प्रदीप मोरदिया, बाकाभाई वोहानिया, राजनभाई सोनी, नीतीश भट्‍ट और रमेश चंदाना शामिल हैं।

यह घटना तीन मार्च 2002 की है। बिलकीस और 16 अन्य लोग चपरवाड़ से पानीवेला जा रहे थे, तभी उन पर दंगाइयों ने हमला किया।

बिलकीस बानो और उसके परिजन पर दंगाइयों के इस हमले में आठ लोग मारे गए। दंगाइयों के इस हमले के बाद से छह अन्य लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।

दंगाइयों के इस हमले के समय बिलकीस गर्भवती थी। दंगाइयों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। इस लोमहर्षक घटना के बाद सिर्फ वह और दो बच्चे जिंदा बच सके।

उल्लेखनीय है कि पहले इस मामले की अदालती कार्यवाही गुजरात में ही चल रही थी, लेकिन सीबीआई और बिलकीस बानो ने अंदेशा जताया कि इस कांड के चश्मदीद गवाहों को सताया या नुकसान पहुँचाया जा सकता है।

इन आशंकाओं के मद्‍देनजर उच्चतम न्यायालय ने 2004 के अगस्त माह में मामले की अदालती कार्यवाही अहमदाबाद से स्थानांतरित कर मुंबई कर दी। अदालती कार्यवाही के दौरान इस समूह के सदस्यों में से एक नरेश मोर्दिया की मौत हो गई।

अदालत ने पुलिस अधिकारी गोरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 217 और 218 के तहत दोषी ठहराया है। उसे दीगर दोषियों को बचाने का प्रयास करने का दोषी पाया गया।

अदालत ने 11 आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराते समय बिलकीस बानो और एक अन्य बाल गवाह के बयानों पर विचार किया। कांड के समय इस बाल गवाह की उम्र आठ साल थी।

बिलकीस ने सुरक्षा माँगी : बलात्कार और हत्या की लोमहर्षक घटना के छह साल बाद भी भय में जी रही बिलकीस बानो ने गुजरात सरकार से कहा कि वह उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दे। बिलकीस ने कहा कि मैं और मेरे परिजन अभी भी भय और खौफ में जी रहे हैं।

हालाँकि बिलकीस ने महसूस किया कि उनके मामले में अदालत में इन्साफ किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन सात लोगों को अदालत में बरी कर दिया गया, उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए थी।

सीबीआई अपील करेगी : सीबीआई ने कहा कि वह बिलकीस मामले में सात आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ अपील करेगी। सीबीआई निदेशक विजयशंकर ने कहा कि एजेंसी फैसले की प्रति मिलने का इंतजार कर रही है।
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