पश्चिम बंगाल के अन्य प्रखंडों में बर्ड फ्लू के फैलने के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री पानबाका लक्ष्मी ने कहा कि इस संक्रामक बीमारी को और अधिक फैलने से रोकने के लिए पर्याप्त उपाय किए जाने की जरूरत है, जिससे इसके नियंत्रण में कोई कमी न रह जाए। केंद्रीय मंत्री पानाबाका लक्ष्मी ने हालात का जायजा लेने के लिए स्वास्थ्य और पशु संसाधन विकास अधिकारियों के साथ शांति निकेतन में बैठक की। इस बैठक में उन्होंने इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सभी संभव सहायता देने का वायदा किया। उन्होंने आधारभूत संरचना के अभाव और आपात स्थिति से निपटने संबंधी संसाधनों कमी पर अपनी नाखुशी जाहिर की। मंत्री ने कल कहा था कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं है। इस बीच लोगों की ओर से मुर्गियों को मारने के अभियान का जबर्दस्त विरोध के बाद अधिकारियों ने पुलिस संरक्षण की माँग की है। पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों खासतौर पर दार्जीलिंग और कूचबिहार से भी बर्ड फ्लू फैलने की खबरें आ रही हैं। सिलीगुड़ी से करीब छह किलोमीटर दूर चंपासारी इलाके के नरमदा बागाना से कल चार मुर्गियों के मरने की खबर मिली थी। सिलीगुड़ी की अनुविभागीय अधिकारी स्मिता पांडे ने आज बताया कि अभी मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है। पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच के कार्यकर्ताओं ने दार्जीलिंग जिले में बर्ड फ्लू से मुर्गे-मुर्गियों की मौत की अफवाहों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। अनुविभागीय अधिकारी ने भी लोगों से कहा है कि वे भयभीत न हों और तब चिकन का आनंद लें, जब तक सरकार इसके सेवन पर प्रतिबंध न लगा दे। मिदनापुर जिले के बिनपुर सँकराली और चंद्रकोना कस्बों से भी बड़ी संख्या में मुर्गियों के मरने की खबर है। जिला मजिस्ट्रेट एनएस निगम ने बताया कि मृत मुर्गियों के रक्त के नमूने जाँच के लिए कोलकाता भेजे गए हैं। पश्चिम बंगाल के पाँच जिलों बीरभूम, दक्षिणी दीनाजपुर, मुर्शिदाबाद, नादिया और बर्दवान में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि हो चुकी है। मुर्शिदाबाद जिले में दो स्थानों से बर्ड फ्लू के चलते मुर्गियों की मौत की ताजा खबरें आई हैं। इसके अलावा राज्य के पाँच प्रभावित जिलों में मुर्गियों को मारने का कार्य शुरू किया गया है।
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