देश में एम्युजमेंट पार्क का व्यवसाय काफी संभावनाओं वाला है। फिलहाल यह चीन से बड़ा है और इसमें हर साल 6 फीसद की दर से बढ़ने के आसार हैं। यदि सरकार इसे पर्यटन में शामिल करे तो इसमें चार चाँद लग सकते हैं।
यह जानकारी इंडियन एसोसिएशन ऑफ एम्युजमेंट पार्क एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष वीजीपी रविदास ने दी। उनका कहना है कि पिछले कुछ सालों में हमारे उद्योग में वृद्धि दर काफी बेहतर रही है। फिर भी स्थानीय मनोरंजन कर की वजह से हमें कभी-कभी परेशानियों का सामना करना होता है। कुछ राज्यों में कर की दर 10 से 25 फीसद के करीब है। यदि अब और कर लगाया जाता है तो पूरा उद्योग गड़बड़ा जाएगा। उनका कहना है कि वे इस उद्योग को पर्यटन का हिस्सा बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। अगले माह 14 फरवरी को मुंबई में एम्युजमेंट पार्क उद्योग का एक ट्रेड शो आयोजित होने जा रहा है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, अर्जेंटीना, जापान, कनाडा, चीन, दुबई, जर्मनी हांगकांग, इटली, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड आदि देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
देश में बाजार 4000 करोड़ का : देश में फिलहाल 150 एम्युजमेंट पार्क हैं। देश में यह बाजार करीब 4000 करोड़ रुपए का है। इसमें हर साल 6 फीसद की दर से वृद्धि हो रही है। हर साल इनमें करीब 5 करोड़ पर्यटक आते हैं। इसमें करीब 5 लाख लोगों को रोजगार दे रखा है।
यदि केंद्र सरकार की मदद से इसे पर्यटन उद्योग का हिस्सा बनाने में मदद मिलती है तो यह काफी बड़ा आकार ले सकता है। फिलहाल भारतीय एम्युजमेंट पार्क उद्योग चीन के मुकाबले ज्यादा है। (नईदुनिया)
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