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'औद्‍योगिक परिवर्तन तकनीक की देन'
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष एवं भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. सी. रंगराजन ने कहा है कि भारत में बदलता औद्योगिक वातावरण नई तकनीक एवं नीतियों की देन हैं।

डॉ. रंगराजन शनिवार को जयनारायण व्यास स्मृति भवन में अरावली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के छठे दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश ने अपनी आर्थिक नीति में कुछ ऐसे मूलभूत एवं संरचनात्मक परिवर्तन किए जिससे संपूर्ण अर्थव्यवस्था ने नई राह पर चलना शुरू किया हैं।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम चार दशकों का औद्योगीकरण, आयाम प्रतिस्थापन एवं औद्योगिक लाइसेंस से प्रभावित रहा था। उन्होंने वर्ष 1991 को भारतीय इतिहास का प्रमुख साल बताते हुए कहा कि इस वर्ष का आर्थिक संकट देश के लिए सुअवसर के रूप में उभरा।

उन्होंने कहा कि आज भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है और यह आगे भी जारी रहेगा। सरकार को सचेत रहकर यह सुनिश्चित करना होगा कि इस प्रतिस्पर्धा के दौर में यहाँ की कंपनियाँ अनधिकृत व्यापार में लिप्त नहीं हों।

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप जीवन के उस मुकाम पर खड़े हैं, जहाँ एक सफर समाप्त होने वाला है वहीं दूसरा प्रारंभ होने जा रहा है। विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आप के पास योग्यता है और आत्मविश्वास व हौसले के साथ कार्य करेंगे तो कुछ भी करने में सक्षम रहेंगे।
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