राजस्थान सरकार द्वारा गुर्जर समुदाय को आरक्षण देने के संबंध में केंद्र के पास भेजे गए प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए अखिल भारतीय गुर्जर संघर्ष समिति ने शनिवार को कहा कि जब तक उन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं मिल जाता, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे और इस मुहिम को बल देने के लिए समिति के नेता कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला आमरण अनशन करेंगे।
अखिल भारतीय गुर्जर संघर्ष समिति के मुख्य संरक्षक कर्नल बैंसला ने कहा कि राजस्थान सरकार का गुर्जर, गाड़िया लोहार, बंजारा, रेबारी आदि जातियों को सामूहिक रूप से चार से छह प्रतिशत अलग से आरक्षण देने का प्रस्ताव हमें मंजूर नहीं है।
उन्होंने कहा कि गुर्जर समुदाय राजस्थान के गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के अलावा किसी अन्य प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा।
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद दिल्ली के विधायक और गुर्जर नेता रामवीरसिंह बिधूड़ी कहा कि गुर्जर नेताओं ने अनुसूचित जनजाति के दर्जे की माँग के लिए 21 जनवरी से राजस्थान में शांतिपूर्ण आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा की है। यह आन्दोलन पूरी तरह गाँधीवादी तरीके से होगा।
उन्होंने कहा कि समिति के नेता कर्नल बैंसला समुदाय के लिए आरक्षण की माँग के लिए और सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में 20 जनवरी से राजस्थान के करौली जिले के हिंडोन कस्बे में आमरण अनशन पर बैठेंगे।
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