सात महीने पुरानी अपनी सरकार के दम तोड़ने से बचाने में गोवा के मुख्यमंत्री दिगंबर कामत ने एक तरह से अपने हाथ खड़े कर लिए हैं, लेकिन सहयोगी दल राकांपा ने बुधवार को विश्वास जताया कि डूबती नैया बच जाएगी।
राकांपा महासचिव प्रफुल्ल पटेल ने पणजी से यहाँ लौटने के बाद कहा कि सरकार बच जाएगी। हम कुछ समाधान निकालेंगे। पटेल पार्टी के एक अन्य नेता डीपी त्रिपाठी के साथ समस्या का समाधान करने के अभियान पर पणजी गए थे।
पटेल ने कहा कि पार्टी के विधायक राकांपा नेतृत्व से बातचीत कर रहे हैं और अलग नहीं हुए हैं, अत: कोई समाधान संभव लगता है। इन्हीं विधायकों की नाफरमानी की वजह से राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार संकट में फँस गई है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व में कुछ विधायकों से किए गए कुछ वादों का सम्मान करना होगा। उन्होंने हालाँकि इन वादों का ब्योरा नहीं दिया। पटेल की उम्मीद हालाँकि कामत की इस टिप्पणी के बिलकुल विपरीत है कि भगवान ही उनकी सरकार को बचाएँगे।
सात महीने पुरानी कामत सरकार बुधवार को उस समय अल्पमत में आ गई, जब इसकी सहयोगी राकांपा और निर्दलीय विधायक विश्वजीत राणे ने समर्थन वापस ले लिया।
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