मध्य कोलकाता में बड़ा बाजार में गत सप्ताह आग से करीब 1700 दुकानें प्रभावित हुई हैं। इससे एक हजार करोड़ रु. की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान है। राजस्थान की राजधानी जयपुर से आए पत्रकारों से चर्चा में चैम्बर ऑफ टेक्सटाइल ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज के सचिव बुलाकी दास मिमानी ने कहा कि अग्निकांड के बाद लगभग 15 हजार लोगों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यापारी किसी के सामने हाथ फैलाना नहीं चाहता। अगर कम दरों पर आसान किस्तों में ऋण मिल जाए तथा पुश्तैनी दुकान मिल जाए तो वे मेहनत एवं साहस के साथ फिर व्यापार खड़ा कर सकते हैं। अग्निकांड से प्रभावित व्यापारियों ने कहा कि सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि नियमों एवं पुनर्निर्माण की आड़ में कहीं उन्हें दुकान से वंचित नहीं होना पड़े। इन व्यापारियों की माँग है कि जल्दी से जल्दी आग से प्रभावित भवनों का पुनर्निर्माण किया जाए ताकि वे अपना व्यापार शुरू कर सकें।
व्यापारियों में इस बात का आक्रोश है कि जिन भवनों में आग लगी है अब उन्हें अवैध करार दिया जा रहा है, जबकि वे 40 वर्ष पुरानी है तथा नियमानुसार लाइसेंस लेकर ही व्यापार किया जा रहा है।
बड़ा बाजार में पीढ़ियों से व्यापार कर करोड़पति बने अधिकतर राजस्थान मूल के व्यापारी रातों-रात अर्श से फर्श पर आ गए। अग्निकांड के हादसे से यह व्यापारी दहशत में जरूर है, लेकिन किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना चाहते।
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