पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में बर्ड फ्लू फैलने के मद्देनजर चार लाख मुर्गियों को मारा गया। इस कार्य को पशु शोध विकास विभाग के 55 दलों ने अंजाम दिया।
विभाग के मुताबिक राज्य के बर्ड फ्लू प्रभावित इलाकों में मुर्गियों को मारने का कार्य कुछ और दिन जारी रह सकता है। इसमें मुर्शिदाबाद और दिनाजपुर भी शामिल है।
केंद्रीय कृषि एवं खाद्य मंत्री शरद पवार ने बताया कि प्रभावित इलाकों के आसपास अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। हालाँकि उन्होंने बताया कि स्थिति अभी नियंत्रण में है।
मुर्गियों को मारने की यह कार्रवाई केंद्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा उक्त दो जिलों में बर्ड फ्लू फैलने की पुष्टि के बाद की गई। गत एक सप्ताह में इन जिलों में बर्ड फ्लू का वायरस एच5एन1 फैलने के कारण हजारों मुर्गियाँ मृत पाई गई थीं।
40 और 10 रु. मिलेंगे : राज्य सरकार ने घोषणा की है कि वह उन पोल्ट्रीफॉर्मर्स को मुआवजा देगी, जिनकी मुर्गियाँ इस दौरान बर्ड फ्लू से मारी गईं। इस निर्णय के मुताबिक प्रत्येक मुर्गी के लिए 40 रु. और प्रत्येक चूजे के लिए 10 रु. दिए जाएँगे।
भोपाल प्रयोगशाला से पुष्टि : राज्य के ही बिरभूम और दक्षिण दिनाजपुर जिले में पिछले दिनों 20 हजार मुर्गियाँ मारी गई थीं, इसके बाद राज्य सरकार ने मुर्गियों के नमूनों की जाँच के लिए उन्हें भोपाल स्थित प्रयोगशाला में भेजा था। वहाँ से मुर्गियों में वायरस फैलने की पुष्टि हो चुकी है।
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