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गोवा की कांग्रेस सरकार संकट में
गोवा के तीन मंत्रियों ने बुधवार रात इस्तीफा देकर एक महत्वपूर्ण विधेयक के पास होने को लेकर बने संशय के बीच कांग्रेस नीत गठबंधन सरकार को गठन के सात माह के भीतर ही संकट में डाल दिया और उधर एनसीपी ने भी कहा है कि वह गुरुवार को सरकार से समर्थन वापस ले लेगी।

तीन मंत्रियों- विश्वजीत राणे (निर्दलीय), फ्रांसिस्को उर्फ मिकी पाथेको और जैको फिलिप (दोनों राकांपा) ने राज्यपाल एससी जमीर को इस्तीफा सौंप दिया। हालाँकि उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। गोवा में गठबंधन दलों के मंत्रियों और विधायकों के एक गुट के विद्रोह के चलते आज का घटनाक्रम काफी तेजी से चला।

गोवा एप्रोप्रिएशन विधेयक बुधवार शाम सदन में पेश किया जाना था, लेकिन मतदान कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस मुद्दे को लेकर समर्थन वापस लेने की गठबंधन के घटक दलों ने धमकी दी थी। विधेयक का पेश किया जाना टलने के बाद मुख्यमंत्री दिगंबर कामत ने थोड़ी राहत की साँस ली।

इस विधेयक के खिलाफ मतदान करने के कम से कम सात विधायकों के फैसले के चलते कामत सरकार मुसीबत में है। विधेयक गिरा तो सरकार भी गिर जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि गठबंधन के सबसे बड़े घटक दल एवं तीन सदस्यों वाली राकांपा भी इसके खिलाफ मतदान करेगी।

ताजा खबर के अनुसार राकांपा ने आज रात कह दिया कि वह कल गोवा की कांगेस नीत सरकार से समर्थन वापस ले लेगी। 40 सदस्यों वाली गोवा विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन के 23 सदस्य हैं। इनमें कांग्रेस के 16, राकांपा के तीन, सेव गोवा फ्रंट के दो और दो निर्दलीय विधायक हैं। विपक्ष में भाजपा के 14 और एमजीपी के दो विधायकों सहित कुल 16 सदस्य हैं।

दिगंबर कामत ने मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई, जिसके बाद उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार मजबूत स्थिति में है। उन्होंने अपनी सरकार के संकट में होने की खबरों को खारिज करते हुए दावा किया कि अस्थिरता बिलकुल नहीं है।
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