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आजाद आतंकियों के निशाने पर
पाकिस्तान स्थिति उग्रवादी संगठन द्वारा मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद समेत जम्मू-कश्मीर के वीआईपी लोगों को निशाना बनाए जाने की आशंकाओं के मद्देनजर केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियों को कड़ी चौकसी बरतने को कहा गया है। साथ ही सुरक्षा बलों को नए सिरे से प्रशिक्षित करने समेत कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री तथा नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख उमर अब्दुल्ला समेत राज्य की कई महत्वपूर्ण हस्तियों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले राज्य पुलिस के विशेष सुरक्षा गार्ड (एसएसजी) को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड या किसी अन्य पेशेवर एजेंसी से कड़ा प्रशिक्षण ग्रहण करने को कहा गया है।

पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तोइबा तथा जैश-ए-मोहम्मद के बारे में मिली खुफिया जानकारियों के मद्देनजर यह बदलाव किए गए हैं। ऐसी खुफिया जानकारी मिली है कि वे आजाद तथा अब्दुल्ला जूनियर पर आत्मघाती हमला कर सकते हैं, जो पिछले कई माह से सार्वजनिक सभाएँ कर रहे हैं।

एनएसजी कमांडो कवर मुहैया कराने के अलावा राज्य पुलिस ने आजाद की सुरक्षा में बड़े पैमाने पर बदलाव किए हैं। उनकी सुरक्षा में लगे एसएसजी के स्थान पर ऐसे सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया है, जो बेहतरीन लड़ाकू प्रशिक्षण प्राप्त किए हुए हैं।

सुरक्षा बलों ने पिछले वर्ष सितंबर में सीमा सुरक्षा बल के एक जवान को भी गिरफ्तार किया था, जो लश्कर कमांडरों से बातचीत में यह दावा कर रहा था कि मुख्यमंत्री को निशाना बनाने की किसी योजना में वह मददगार हो सकता है।

खुफिया सूचनाओं की गहन निगरानी से पता चलता है कि उग्रवादी उत्तरी कश्मीर में कुपवाड़ा से लेकर जम्मू क्षेत्र के डोडा तक फैले हुए हैं और अपनी बातचीत में उन्होंने दावा किया है कि उनके सदस्य मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे में घुसने में कामयाब हो गए हैं।

राज्य पुलिस सूत्रों ने बताया कि एसएसजी गार्ड को अकसर बदला जाता है तथा वीआईपी की सुरक्षा के बारे में विशेष सावधानी बरती जाती है। एसएसजी कर्मियों की पृष्ठभूमि के बारे में नए सिरे से जाँच की जा रही है।

राज्य पुलिस इसके साथ ही एनएसजी गार्ड के साथ समन्वय स्थापित कर काम कर रही है ताकि जब कोई वीआईपी व्यक्ति किसी स्थान पर पहुँचे तो दोनों सुरक्षा गार्डों के बीच सुचारु संवाद सुनिश्चित हो सके।

मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार एनएसजी एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए सुरक्षा मुहैया कराती है तथा वीआईपी की सुरक्षा राज्य पुलिस के क्षेत्राधिकार में आती है।
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