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साइकिल पर भारत दर्शन
विश्व शांति और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश फैलाने के लिए छह साल पहले घर से निकले साइकिल सवारों की तिकड़ी 'भारत दर्शन' के अंतिम चरण में उड़ीसा पहुँच गई है। गौरतलब है साइकिल सवारों की तिकड़ी में एक लड़की भी है।

गोरखपुर उत्तरप्रदेश के रंजीत बच्चन, विजेंद्र कुमार मिश्रा और कालिंदी शर्मा इस सप्ताहांत उड़ीसा के जिला मुख्यालय शहर केंद्रपाड़ा पहुँचे। साइकिल सवारों की यह तिकड़ी देश के 30 राज्यों और पाँच केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग एक लाख किलोमीटर की यात्रा कर चुकी है।

उन्होंने बताया हम लगभग पूरा देश घूम चुके हैं। उड़ीसा हमारा अंतिम पड़ाव है। यात्रा काफी रोमांचक और व्यापक रही है। हर जगह हमारा स्वागत गर्मजोशी से हुआ। तीनों साइकिल सवारों ने अचानक फैसला किया और चार फरवरी 2002 को इस यात्रा पर निकल पड़े।

तीनों साइकिल सवारों के माता-पिता शुरू में हिचक रहे थे। बच्चन ने कहा- लेकिन जब उन्होंने मंजूरी दे दी तो हमने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। साइकिल सवारों ने कहा हम छह साल पहले घर से निकले थे। अब घर लौटने का मन कर रहा है, लेकिन हम थके नहीं हैं।

उन्होंने मणिपुर, मेघालय और पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों में मनोहर और खूबसूरत पहाड़ी इलाके से अपनी यात्रा को सबसे रोमांचक बताया, लेकिन वे असम, मणिपुर और नगालैंड के कुछ इलाकों में नहीं जा पाए।

उन्होंने कहा- चरमपंथियों के खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने हमें इजाजत नहीं दी। बच्चन ने कहा अगली यात्रा पर हम बांग्लादेश और म्यामार जाएँगे। इसके लिए हम जल्द ही विदेश मंत्रालय से मंजूरी लेंगे।
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