कोलकाता के बड़ा बाजार इलाके के नंदराम मार्केट की इमारत में लगी आग रविवार को दूसरे दिन भी भड़कती रही। आग उस समय और भड़क गई जब जनरेटर रूम में रखे 300 लीटर डीजल में विस्फोट हो गया।
लगातार आग के चलते यह इमारत किसी भी समय गिर सकती है। सेना के जवानों ने अग्निशमन कार्यों में मदद के लिए मोर्चा संभाल लिया है। 46 घंटे बाद भी हर जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर यह आग कब बुझेगी?
पानी का संकट : महानगर पुलिस आयुक्त गौतम मोहन चक्रवर्ती ने बताया इमारत बायीं ओर थोड़ी झुक गई है। इसके कुछ हिस्से के गिरने की आशंका है। हमने सभी लोगों को इलाके से दूर रहने के लिए कहा है। पानी की कमी के चलते देश के सबसे बड़े थोक बाजार स्थित इस इमारत में अग्निशमन कार्य में बाधा आ रही है और 51 दमकल गाड़ियों में से ज्यादातर का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। इनमें सेना और वायुसेना की दमकल गाड़ियाँ भी शामिल हैं।
नंदराम मार्केट में लगी आग की लपटों ने उस समय और भीषण रूप धारण कर लिया जब 12वीं मंजिल पर भंडारित 300 लीटर डीजल में धमाका हो गया। आशंका जताई जा रही है किसी भी समय यह इमारत धराशायी हो सकती है।
व्यापारी आतंकित : आतंकित व्यापारी वहाँ से अपना माल हटाने में व्यस्त नजर आ रहे हैं। वे वैन से अपना माल सुरक्षित जगह पर ले जा रहे हैं। कपड़ा व्यापारी अनिल अग्रवाल ने कहा अब तो भगवान ही मालिक है। हम काफी डरे हुए हैं।
व्यापारी की मौत : बड़ा बाजार इलाके में भड़की आग के बाद व्यापारियों का करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया है। इसी के चलते तेजकुमार वैद्य नामक व्यापारी की हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई। बताया जाता है कि उनकी दुकान इसी इलाके में थी, जो आग की भेंट चढ़ गई।
मैं ज्योतिषी नहीं : दूसरी ओर राज्य के अग्निशमन मंत्री प्रतिम चटर्जी से जब प्रभावितों और पत्रकारों ने सवाल किया कि ये आग कब बुझेगी, उन्होंने कहा कि मैं कोई ज्योतिषी नहीं जो यह बता दूँ कि आग पर कब तक काबू पाया जा सकेगा। इस आग की चपेट में आकर 3000 से ज्यादा दुकानें जल चुकी हैं और करोड़ों रुपए की संपत्ति नष्ट हो चुकी है।
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