कल्पना कीजिए जब दादाजी दूल्हा बने हों और पोते, धेवते नाच रहे हों तो कैसा नजारा होगा।
उत्तरप्रदेश के बिजनौर जिले में 80 वर्षीय बालेशाह ने उम्र के इस पड़ाव पर शादी की अपनी हसरत पूरी की और उनके नाती-पोतों ने उनकी बरात चढ़ाई।
जिला मुख्यालय पर आज मिली जानकारी के अनुसार नहटौर के गाँव लालबाग के बालेशाह का 75 सदस्यों का भरा-पूरा परिवार था जिसमें बेटे, बेटियाँ, बहू, दामाद और नाती, पोते सभी थे। कमी थी तो सिर्फ उनकी पत्नी की।
दरअसल उनकी दूसरी पत्नी सदीकन का इंतकाल पाँच वर्ष पूर्व हो गया था। बालेशाह को जीवन संगीनी की कमी खल रही थी।
पूरे परिवार ने उनके जीवन की इस कमी को पूरा करने के लिए तलाश शुरू कर दी। अंतत: उनसे आधी उम्र की विधवा असमा बेगम पर आकर यह तलाश खत्म हो गई। घोड़ा-बग्घी के साथ बालेशाह की बरात चढ़ी। छुआरों की बरसात हुई। बैंडबाजों की धुन पर पोते, धेवते थिरके। दूल्हे राजा सुर्ख जोड़े में सजी अपनी दुल्हन असमा को विदा करा आए।
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