उड़ीसा सरकार ने शनिवार को कहा कि वह उस मुद्दे की जाँच करेगी, जिसमें कटक के एक निजी प्रकाशक ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस को फर्जी राष्ट्रवादी करार दिया है।
मुख्य सचिव अजीत त्रिपाठी ने कहा कि मैंने पत्र की विषयवस्तु नहीं देखी है। अगर आरोप सही हैं तो इसे अपराध के तौर पर देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक शिक्षा विभाग मामले की जाँच करेगा।
केंद्रपाड़ा जिले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार एमबीडी प्रकाशक द्वारा सातवीं कक्षा के लिए प्रकाशित गाइड में नेताजी को जातिवादी नेता और फर्जी राष्ट्रवादी नेता बताया गया है।
एमबीडी प्रकाशन के प्रिंटिंग समन्वयक प्रकाशचंद्र भोल ने गलती स्वीकारते हुए कहा यह प्रकाशन की त्रुटि है और हमने इसमें सुधार की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। भोल ने बताया कि यह घटना जैसे ही प्रकाश में आई पुस्तकों को बाजार से हटा लिया गया।
इस बीच केंद्रपाड़ा में युवकों के एक समूह ने गाइड की प्रतियाँ जला दीं और पुस्तक के प्रकाशक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए जिला मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रकाशक से बिना शर्त माफी माँगने को भी कहा।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि वे संबद्ध अधिकारियों को मामले की जाँच करने को कहेंगे।
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