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जलकुंभी के फर्नीचर का फैशन
बड़े घरों में नई फर्श, रंग-रोगन और तमाम इलेक्ट्रॉनिक तब्दीलियों के बाद बारी है, फर्नीचर की। लोगों की पसंद अब जलकुंभी और केले के वल्कल का फर्नीचर बनता जा रहा है।

अभी तक इसने ड्राइंग रूम में प्रवेश नहीं किया था, लेकिन अब ब्रांडेड कंपनियाँ भी इसे लाइफ स्टाइल फर्नीचर के रूप में पेश कर रही हैं। इनके अलावा कॉरूगेटेड बॉक्स के फर्नीचर भी ऑफिसों में लगाए जाने लगे हैं।

यह फर्नीचर उतना ही टिकाऊ होता है, जितना कि दूसरी लकड़ी का बना फर्नीचर। विशेष रूप से यह फर्नीचर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की खासियत है। यह विएतनाम में आमतौर पर बनाया जाता है।

बड़े ब्रांड इनका आयात भी करते हैं। परंतु यह कला भारत के गाँवों में भी बसी है। पूर्वोत्तर, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल आदि में इस तरह के फर्नीचर बनाए जाते हैं और बड़े ब्रांड इन पर टूट पड़े हैं।
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