अपने गाँव को नक्सली समस्या से छुटकारा दिलाने की उम्मीद के साथ जनजाति समुदाय के एक ग्रामीण युवक ने छोटी पहाड़ी से शादी की है। पूर्वी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित घाटशिला के भोमरू गाँव का रहने वाले नंदी मुंडा ने लखाईसिर्नी नाम की छोटी पहाड़ी पर सिंदूर लगाकर शादी की। उसे उम्मीद है कि ऐसा करने से क्षेत्र को नक्सली समस्या से छुटकार मिल जाएगा। गौरतलब है कि मुंडा की शादी हो चुकी है और उसके दो बच्चे भी हैं। विवाह का कारण पूछे जाने पर मुंडा ने दावा किया कि उसने पहाड़ी देवी को सपने में देखा। देवी ने उससे नक्सली समस्या से छुटकारा पाने के लिये पहाड़ी से शादी करने का निर्देश दिया।
30 वर्षीय मुंडा के साथ कुछ गाँव वाले भी बाराती के रूप में इस विवाह में शामिल हुए। युवक ने यह विवाह परंपरागत रीति-रिवाज से किया।
मुंडा ने कहा कि शादी से पहले उसने युवाओं का एक समूह बनाया है, जो नक्सलियों से लड़ने को तैयार हैं। गौरतलब है कि पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम जिले में ऐसे विवाह कोई असामान्य चीज नहीं है, लेकिन अब तक यह बीमारियों या बुरी आत्मा से छुटकारा पाने के लिए ही किए जाते थे। दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार को यह शादी हुई। उसी समय झारखंड और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल की पुलिस ने नक्सलियों से निपटने के लिए अधिकार क्षेत्र के निर्धारण का फैसला किया।
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