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अब मायावती ने बदला विमान सौदा
राज्य में सत्तारूढ़ बसपा सरकार ने आखिर पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अतिविशिष्ट लोगों के लिए हवाई यात्रा कराने वाले राजकीय विमानों की खरीद सौदे में फेरबदल कर दिया है। इसके लिए बाकायदा अमेरिका जाकर उच्चाधिकारियों ने नए सौदे तय कर दिए हैं, जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएँ हैं।

सूचना है कि सरकार राजकीय विमान बेड़े में एक ब्रीचक्राफ्ट प्रीमियर जेट एयरक्राफ्ट और बेल-412 हैलिकॉप्टर लेने जा रही है जबकि पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की नेतृत्व वाली सरकार के समय सेसना साइटेशन जेट एयरक्राफ्ट एवं बेल-430 हैलिकॉप्टर खरीदने का सरकार ने निर्णय लिया था, जिसे अब बदला जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि राजकीय विमान खरीदने के सौदे के लिए राज्य सरकार का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों अमेरिका से लौटा है। सरकार दावा कर रही है कि राज्य में पहली बार जेट विमानों को राजकीय विमान बेड़े में शामिल किया जा रहा है।

राजकीय विमान के सौदे के लिए मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त के साथ सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका गया था। उम्मीद की जा रही है कि इसी वित्तीय वर्ष में अमेरिका से नये विमान राज्य सरकार को मिल जाएँगे।

अब तक सरकार के बेडे में सुपर किंग एयरक्राफ्ट, किंग एयर बोनेन्जा एयरक्राफ्ट और बेल एवं चेतक हैलिकॉप्टर हैं। इस संवाददाता को जानकारों ने बताया कि पूर्ववर्ती मुलायम सरकार ने राजकीय विमान बेड़े में जेट एयरक्राफ्ट शामिल करने का निर्णय किया गया था और इसके लिए बाकायदा बजट धनराशि भी स्वीकृति की गई थी।

समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के समय सेसना साइटेशन जेट एयरक्राफ्ट एवं बेल-430 हैलिकॉप्टर खरीदने का सरकार ने निर्णय लिया था। इन विमानों को राजकीय विमानों के बेड़े में शामिल करने के लिए बाकायदा एक उच्च स्तरीय टेक्निकल स्पेसिफिकेशन कमेटी ने सेसना जेट एअरक्राफ्ट एवं बेल-430 हैलिकॉप्टर खरीदने का निर्णय लिया था।

सपा सरकार के सत्ता से जाते ही आखिर पूर्ववर्ती मुलायम सरकार का लिया गया सरकारी निर्णय बदलकर अब बेल-412 हैलिकॉप्टर और ब्रीचक्राफ्ट प्रीमियर जेट एयरक्राफ्ट लेने का निर्णय क्यों लिया गया। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ हैं।

कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या पूर्व में राजकीय विमानों को खरीदने के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिशों में तकनीकी खामियाँ थीं। क्या नए सौदों के लिए उसी टेक्निकल कमेटी ने सिफारिश की या फिर आनन-फानन में दूसरी कमेटी बनाकर उसकी सिफारिशों पर अमल किया गया, क्या बजट प्रावधानों में कोई संशोधन कर फिर नए सौदों में किसी ने विशेष रुचि ली?

पायलट नहीं : सरकार ने जेट विमान को अपने राजकीय बेड़े में शामिल करने का निर्णय तो ले लिया है किन्तु आश्चर्य है कि राज्य सरकार के नागरिक उड्डन निदेशालय में किसी भी पायलट के पास जेट एयरक्राफ्ट उड़ाने का लाइसेंस नहीं है, यहाँ तक कि सबसे बड़े पायलट के पास भी नहीं जिनके पास आजकल सरकार चलाने की अहम जिम्मेदारी भी है।

सरकार अब अपने पायलटों को अमेरिका भेजकर वहाँ से प्रशिक्षण दिलाने की बात प्रचारित कर रही है। प्रशिक्षण के नाम पर अमेरिका जाने के लिए अब बड़े पायलट तैयार हैं।
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