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लखनऊ में सफेद फूलों की बढ़ी माँग
भावनाओं को व्यक्त करने का फूल सबसे सुगम माध्यम होते हैं। नए साल पर शुभकामनाएँ व्यक्त करना हों या शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएँ देनी हों या अपने दिल की बात कहनी हों तो बिना फूलों के अधूरी लगती हैं। आजकल राजधानी में नए साल की आहट सुनकर फूलों का बाजार सज चुका है। इस बार यहां सफेद फूलों की मांग कुछ ज्यादा ही है।

चौक फूलों की मंडी में दिसंबर की शुरुआत से ही सफेद फूलों की खपत बढ़ने लगी है। आमतौर पर फूलों की दुकानों में जरबेरा, ग्लैडिओलस, कार्नीशियन, ट्यूलिप, लिलियम, गुलाब के रंग-बिरंगे फूलों की माँग रहती हैं पर इस बार इनके सफेद फूल लोगों को ज्यादा भा रहे हैं और ग्राहक इनकी माँग बढ़-चढ़कर कर रहे हैं।

शम्शी फ्लोरिस्ट के संचालक कहते हैं कि वह ज्यादातर फूल बेंगलुरू से मँगवाते हैं। इस बार लोगों ने पहले से सफेद फूलों की बुकिंग करवा ली थी। वह कहते हैं कि इस समय गुलाब, ट्यूलिप और लिलियम का सीजन होता है। लोग इन्हीं के फूलों को बुके में लगवाना पसंद करते है लेकिन इस साल लोगों में इनके सफेद फूलों को लेकर क्रेज देखने को मिल रहा है। इस बार सफेद गुलाब की माँग पिछले सालों की तुलना ज्यादा है।

ऑर्किड फ्लोरिस्ट के संचालक का कहना है कि सफेद फूलों की ज्यादा माँग नए वर्ष के आगमन के दौरान ही होती है। ईसाई समुदाय सफेद फूलों को शुभ मानते हैं। इधर अन्य समुदाय के लोग भी इस रंग के फूलों को पसंद करने लगे हैं। चूँकि सफेद रंग शांति का प्रतीक माना जाता है। इसलिए नए वर्ष के मौके पर लोग ऑर्किड, ग्लैडिओलस, कार्नीशियन और लीलियम के सफेद फूलों को ज्यादा पसंद करते है।

ऑर्डिक, ग्लैडिओलस, गुलाब और जिप्सी के सफेद फूलों का बास्केट देखते ही बनता है। सफेद फूल से भावनाएँ व्यक्त करना अब लोगों को पसंद बनती जा रही है।
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