उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को दो साल पूर्व जन्मदिन पर बैंक ड्रॉफ्ट से तोहफा देने वालों को आयकर विभाग से मिले नोटिसों से यहाँ बसपा कार्यकर्ताओं में हड़कंप है।
सहायक आयकर निदेशक (अन्वेषण) ने यहाँ लगभग सौ लोगों को इस आशय का नोटिस भेजा है। इन नोटिसों में उनसे अपनी पहचान का साक्ष्य और माली हैसियत का प्रमाण माँगा गया है। नोटिस पाने वालों में अधिकांश निम्न आयवर्ग के हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार बसपा जिलाध्यक्ष सरजीतसिंह, दिनेश शर्मा, डॉ. तसलीम गौहर, इकबाल और मुंशी सिद्दीक सहित कई लोगों ने दस रुपए के स्टाम्प पेपर पर चंदे में दी गई रकम की आय के साधन और अपना पहचान-पत्र आयकर अन्वेषण के मुरादाबाद कार्यालय को भेज दिया है।
बसपा जिलाध्यक्ष का दावा है कि उनकी पार्टी में कालाधन नहीं चलता है बल्कि पार्टी कोष में चंदा दिया जाता है और इस पर आयकर भी दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मायावती की बदौलत पार्टी के गरीब वर्ग के कार्यकर्ता माँगने वालों से देने वाले बन गए हैं, जिससे अन्य दल बौखला गए हैं। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व दिए गए ड्रॉफ्ट ज्यादातर पाँच हजार रुपए के थे। इस बार मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर दिए जाने वाले चंदे के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी सुप्रीमो ही तय करेंगी कि चंदा किस रूप में जाएगा।
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