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मुराद अधूरी रह गई बेनजीर की
नहीं जा सकी चिश्ती की दरगाह पर
रावलपिंडी में एक चुनाव रैली के तत्काल बाद हुए हमले में जान गँवाने वाली पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की फिर से अजमेर स्थित सूफी सन्त ख्वाजा मोइनुदिन हसन चिश्ती की मजार पर आ कर जियारत करने की मुराद अधूरी ही रह गई।

करीब एक साल आठ माह पूर्व अपने पति आसिफ जरदारी के साथ जयपुर आई बेनजीर ने अप्रैल 2005 में सांगानेर हवाई अड्डे से जयपुर के एक पाँच सितारा होटल पहुँचने के तुरन्त बाद संवाददाताओं से कहा था कि मुझे जयपुर बहुत पंसद है। गरीब नवाज मुझे बार बार बुलाएँ यही मेरी तमन्ना है।

उन्होंने कहा था कि गरीब नवाज के घर वही ही आ पाता है जिन्हें वह बुलाते हैं। मुझे खुशी है कि गरीब नवाज ने मेरी सुनी और मैं आज जयपुर पहुँच गई। मुझे उस पल का बेताबी से इंतजार है जब मैं उनकी चौखट पर पहुँचूँ।

बेनजीर के जयपुर आने की सूचना पर कुछेक संवाददाता सांगानेर हवाई अड्‍डे पर अल सुबह ही पहुँच गए थे, जिनमें मैं भी शामिल था। कडे़ सुरक्षा प्रबंध के कारण हवाई अड्डे पर बातचीत का मौका नहीं मिला और संवाददाता पाँच सितारा होटल पहुँच गए।

बेनजीर और अपने पति आसिफ जरदारी के होटल पहुँचते ही संवाददाताओं ने सवाल पूछना शुरू कर दिया, तब बेनजीर ने मुस्कराते हुए कहा इतनी जल्दी क्या है... आराम से कमरे में बैठकर बात करेंगे।

इसके बावजूद संवाददाताओं ने होटल के गलियारे में ही बेनजीर से कुछ सवालात किए। बेनजीर ने मुस्कराते हुए धीमे-धीमे चलते चलते जवाब दिए। विशेष सूइट आने पर बेनजीर ने आम नेताओं से हटकर संवाददाताओं को भी अन्दर आने का आमंत्रण दिया।

अंदर कुछ देर बैठने के बाद उन्होंने अपने साथ आई एक महिला को पास बुलाकर कुछ कहा फिर संवाददाताओं से बातचीत शुरू कर दी। कमरे में एक कुर्सी पर बेनजीर और पास ही रखी दूसरी कुर्सी पर उनके पति आसिफ अली जरदारी बैठे हुए थे।

अचानक बेनजीर ने माफी माँगते हुए कहा मै जरा अपने बच्चों से बात कर लूँ क्या। आखिर मैं भी तो एक माँ हूँ। यह कहकर वह आसिफ जरदारी की तरफ देखकर मुस्कुराईं।

कुछ मिनट बच्चों से बात करने के बाद फिर संवाददाताओं से मुखातिब हो गईं। बेनजीर ने इस दौरान एक चैनल को करीब बीस मिनट से अधिक समय का साक्षात्कार भी दिया था। साक्षात्कार समाप्त होने पर चाय पिलाने के बाद उन्होंने जयपुर भ्रमण पर जाने के लिए संवाददाताओं से इजाजत ली।

बेनजीर ने बातचीत में जयपुर को बेहतरीन खूबसूरत शहर बताते हुए कहा मैं जयपुर बार-बार आना चाहती हूँ, लेकिन चाहकर भी आ नहीं पाती। मैं सूफी सन्त ख्वाजा मोइनुदीन चिश्ती की मजार पर मखमली चादर चढ़ाकर पाकिस्तान में अमन चैन बहाल होने और पाकिस्तान जाने की दुआ मागूँगी।

सूफी सन्त ख्वाजा मोइनुदिन हसन चिश्ती दरगाह के खादिम ने बेनजीर उनके पति आरिफ अली जरदारी समेत अन्य परिजनों द्वारा दो अप्रैल 2005 को ख्वाजा साहब की मजार पर जियारत करने के लम्हों को याद करते हुए कहा बेनजीर चार दफे ख्वाजा साहब की चौखट पर हाजिरी देने आईं।

वर्ष 2003 में उन्होंने जेल में बंद अपने पति आसिफ अली जरदारी की तुरन्त रिहाई की मन्नत लेकर ख्वाजा साहब की मजार पर गुलाब के फूल और मखमली चादर चढ़ाकर दुआ माँगी। ख्वाजा साहब ने बेनजीर की दुआ कुछ महीनों बाद ही पूरी कर दी और आसिफ अली जरदारी जेल से रिहा हो गए।

खादिम तालीब कप्तान ने बताया कि बेनजीर जरदारी की रिहाई की मन्नत पूरी होने पर वर्ष 2005 में अपने पति के साथ ख्वाजा साहब के दरगाह में हाजिरी देने पहुँची। इस दौरान बेनजीर ने तुरन्त घर वापसी पाकिस्तान लौटने पाकिस्तान में लोकतंत्र बहाली और खुद के पुन: प्रधानमंत्री बनने की दुआ माँगी।

खादिम के अनुसार बेनजीर और जरदारी तथा उनके साथ आये परिजनों को अंजुमन कमेटी की ओर से तबरूक (प्रसाद) दिया गया तथा बेनजीर को सोने का ब्रेसलेट भेंट किया गया।

बेनजीर ने अजमेर के सोहन हलवे की माँग की लेकिन भीड़ अधिक होने तथा सुरक्षा संबंधी नियमों के कारण वह सोहन हलवा अपने साथ नहीं ले जा सकीं।

हील वाले सैंडिल हल्के नीले रंग का सुनहरी सूट और सिर पर दुपट्टा ओढ़े बेनजीर ने कहा गरीब नवाज की चौखट पर बिना बुलाए कोई नहीं पहुँच पाता। मैं शुक्रगुजार हूँ कि मेरे उपर उन्होंने मेहरबानी की है। मैं ख्वाजा साहब की चौखट पर पहुँचने का इंतजार कर रही हूँ।

जयपुर प्रवास के दौरान बेनजीर जयपुर के एमआई रोड़, त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार में आम नागरिकों की तरह घंटों घूमती रहीं तथा खरीददारी भी की। बेनजीर ने अजमेरी गेट स्थित राजस्थली से सलवार सूट और हैण्डीक्राफ्ट की वस्तुओं की जमकर खरीददारी की।

उन्होंने इस दौरान लोगों से खुलकर बातचीत की उनकी अपने साथ तस्वीरें खिंचवाने की इच्छा भी पूरी की। बेनजीर ने जयपुर और आमेर की सैर करने के बाद जौहरी बाजार में स्थित एक नामचीन और पंसदीदा होटल में खाना भी खाया।

गुलाबी नगरी और ख्वाजा नगरी की यात्रा के बाद बेनजीर ने जब अपने पति के साथ जयपुर के सांगानेर हवाई अड्डे से वापसी की उड़ान भरी तो किसी के जेहन में यह बात नहीं रही होगी कि पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की यह अन्तिम राजस्थान यात्रा साबित होगी।
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