केरल के वयोवृद्ध नेता के: करुणाकरन करीब ढाई वर्षों के बाद रविवार को कांग्रेस में लौट आए। वह राज्य और केन्द्रीय नेतृत्व से मतभेदों को लेकर पार्टी से अलग हो गए थे।
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री 89 वर्षीय करुणाकरन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से मुलाकात कर पार्टी में वापस आने की अपनी इच्छा से उन्हें अवगत कराया जिसे गाँधी ने स्वीकार कर लिया। हालाँकि कांग्रेस पार्टी की ओर से इस बारे में कुछ नहीं बताया गया कि उन्हें पार्टी में किस तरह से स्थान दिया जाएगा। सोनिया और प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह से मुलाकात के बाद करुणाकरन ने कहा कि कांग्रेस में उनका प्रवेश बिना किसी शर्त है। मैं पार्टी की सेवा करना चाहता हूँ क्योंकि पार्टी की सेवा का मतलब है देश की सेवा।
प्रसन्नचित्त दिख रहे करुणाकरन ने कहा कि वे संतुष्ट हैं और पार्टी के लिए जहाँ कहीं भी उनकी सेवा की जरूरत होगी, वे काम करने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि उनके पुत्र के. मुरलीधरन भी पार्टी में संभवत: लौट आएँगे। मुरलीधरन भी अपने पिता के साथ कांग्रेस से अलग हो गए थे। वह राज्य में एनसीपी के अध्यक्ष हैं।
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