शोले जैसी कालजयी फिल्म के निर्माता जीपी सिप्पी का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनका मंगलवार रात निधन हो गया था।
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि चंदनवाड़ी स्थित विद्युत शवदाहगृह में सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर उनका दाह संस्कार कर दिया गया। अंत्येष्टि में उनके परिवार के सदस्य तथा करीबी रिश्तेदार मौजूद थे।
सिप्पी पिछले कुछ महीनों से वृद्धावस्था से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित थे। उन्होंने कल रात 10 बजे अंतिम साँस ली।
धनी सिंधी परिवार में जन्मे सिप्पी ने अपने करियर की शुरुआत 1955 में प्रदर्शित फिल्म मरीन ड्राइव से की। उसी साल उन्होंने प्रदीप कुमार, मीना कुमारी और दुर्गा खोटे को लेकर अद्ल-ए-जहाँगीर नामक फिल्म बनाई।
1950 और 1960 का दशक सिप्पी के लिए काफी व्यस्तता भरा रहा। इस दौरान उन्होंने श्रीमती 420, चंद्रकांत लाइट हाउस, भाई-बहन और अंदाज जैसी फिल्मों का निर्माण एवं निर्देशन किया।
1972 में सिप्पी ने सीता और गीता का निर्माण किया। इस फिल्म का निर्देशन उनके पुत्र रमेश सिप्पी ने किया। इस फिल्म में ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी दोहरी भूमिका में नजर आईं।
उन्हें शोले फिल्म के लिए हमेशा याद किया जाएगा। अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, संजीव कुमार, हेमा मालिनी, जया बच्चन और अमजद खान के अभिनय से सजी 1975 में प्रदर्शित इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
|