दक्षिण कश्मीर की एक मस्जिद में छिपे हिजबुल मुजाहिदीन के सभी तीन आतंकवादी मंगलवार को सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारे गए और उनके द्वारा बंधक बनाए गए पाँच लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहाँ बताया कि लगभग 40 घंटे चले अभियान के बाद मस्जिद में छिपे आतंकवादियों के कब्जे से पाँच लोगों को मुक्त कराने की कार्रवाई कल रात समाप्त हो गई। इन आतंकवादियों ने 23 दिसंबर की दोपहर की पाँच लोगों को एक मस्जिद में बंधक बना लिया था। सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के आत्मसमर्पण से इनकार करने पर कार्रवाई शुरू की थी।
उन्होंने बताया कि पुलिस और विभिन्न सुरक्षाबल दो दिन तक लगातार आतंकवादियों से आत्मसमर्पण करने और बंधकों को मुक्त करने के लिए कहते रहे। अधिकारी ने बताया कि जब आतंकवादियों की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो पुलिस ने उनको मस्जिद से बाहर निकालने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ शुरू हुई जब आतंकवादियों ने मस्जिद से बाहर निकलते हुए गोलियाँ चलानी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकवादी मारे गए।
अधिकारी के अनुसार अपहृत बनाए गए सभी पाँचों नागरिक सुरक्षित हैं और मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।
उन्होंने बताया कि आतंकवादियों की पहचान शिराज अहमद बट उर्फ असगर, मुहासिर अहमद मीर उर्फ जहाँगीर और इशफाक अहमद वागे के रूप में की गई है।
इस बीच पुलिस ने उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में हथियारों के एक अड्डे का भंडाफोड़ किया है। उन्होंने बताया कि सातवीं मराठा के जवानों ने एक अभियान के दौरान एक एके 47 असाल्ट राइफल चार मैगजीन, एक पिस्तौल, एक मैगजीन और नौ गोलियाँ बरामद की हैं।
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