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साइकल पर अमन का संदेश
मलेशिया में भारतीय के खिलाफ चाहे जो हुआ हो, उन्हें उसकी परवाह नहीं है, वे तो शांति का मकसद लिए आगे ब़ढ़ते जा रहे हैं। यहाँ के तीन भारतीय इन दिनों थाईलैंड में हैं और शांति का संदेश देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं अपनी-अपनी साइकलों पर।

सेनबाग वैरा वानचिनक कुनत्रक कोथाई वलालवमरा वजुती (48), उनके भाई सुंदरम (42) और उनके भतीजे ई. राजेशकुमार (22) तीनों अपनी साइकल लेकर निकले हैं। ये यात्रा मलेशिया से ही शुरू हुई है।

वैसे तो सेनबाग कई बार साइकल पर रेकॉर्ड बना चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने पूरी दुनिया घूमने के लिए अपने भाई और अपने भतीजे को भी साथ लिया है।

वे अंग्रेजी के प्रोफेसर हैं और कहते हैं कि 17 साल में वे 9,86,000 किमी साइकल पर घूम चुके हैं। इस लिहाज से वे विश्व रेकॉर्ड को भी पार कर चुके हैं।

विश्व रेकॉर्ड 17 साल में 6,43,700 किमी साइकल चलाने का है। ये तीनों यहाँ से पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया आदि का भी दौरा करेंगे। परंतु सेनबाग अपना नाम रेकॉर्ड में इसलिए दर्ज नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और अफ्रीका का दौरा पूरा नहीं किया है। अगले वर्ष अगस्त माह तक वे इसे पूरा करने की कोशिश करेंगे।

तब हुआ शुरू : नई दिल्ली में हुए एशियाई खेलों से सेनबाग साइकल से प्रेम करने लगे। यह पूछे जाने पर कि उन्होंने मलेशिया से ही यात्रा करना क्यों चुना।

उनका जवाब था कि यहाँ की दृश्यावली काफी सुंदर है। मलेशिया में हमेशा मुझे प्यार मिला है। वे कहते हैं कि उनके भाई और भतीजे भी भारत में साइकलिंग में रेकॉर्ड बना चुके हैं। (नईदुनिया)
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