मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > प्रादेशिक
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
नालंदा में पहला मल्टीमीडिया म्यूजियम
अप्रवासी भारतीयों ने बिहार राज्य में निवेश की अनेक योजनाएँ बनाई हैं। इस क्रम में पहला निवेश अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल नालंदा में किया गया है।

10 करोड़ की लागत से नालंदा में मल्टीमीडिया म्यूजियम का निर्माण शुरू हो गया है। इसे देश का पहला मल्टीमीडिया संग्रहालय होने का दावा भी किया जा रहा है।

नालंदा के जिलाधिकारी ने विधिवत रूप से सरकार से मिले स्वीकृति पत्र को प्राचीन भारत टूरिज्म, बेंगलुरू के सीईओ नवीन कुमार शर्मा को सौंपा। स्वीकृत पत्र सौंपने की औपचारिकता के साथ ही म्यूजियम का निर्माण शुरू कर दिया गया।

बताया गया है कि 6-7 जनवरी 06 को हैदराबाद में आयोजित अप्रवासी भारतीय दिवस समारोह के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार व प्राचीन भारत टूरिज्म बेंगलुरू के बीच पर्यटन स्थलों के विकास की परिकल्पना पर सहमति बनी थी, जिसमें अप्रवासी भारतीयों ने निवेश की इच्छा जताई थी।

सीईओ शर्मा ने बताया कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर नालंदा में स्थापित होने वाला मल्टीमीडिया म्यूजियम देश का अपनी तरह का पहला संग्रहालय होगा।

इसके माध्यम से नालंदा जिले की विरासतों को पर्यटकों के समक्ष दृश्य-श्रव्य माध्यम के द्वारा आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। इसे 26 जनवरी 08 के पूर्व आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

6 सेक्शन होंगे : म्यूजियम की विशेषताओं की चर्चा करते हुए सीईओ शर्मा ने बताया कि इसमें शुरुआती दौर में छः सेक्शन होंगे। भौगोलिक परिदृश्य सेक्शन के द्वारा नालंदा से देश के अन्य पर्यटन स्थलों की पूरी स्थितियों की जानकारियाँ दी जाएँगी।

ऐतिहासिक परिदृश्य सेक्शन के माध्यम से नालंदा के अतीत का दर्शन कराया जाएगा। तीसरा सेक्शन एमीनेशन फिल्म (थ्री डी) का होगा। चौथा सेक्शन में नालंदा के भग्नावशेष की जानकारियाँ दी जाएँगी।

शर्मा ने बताया कि प्राचीन भारत टूरिज्म बेंगलुरू नालंदा के बाद बोधगया, राजगीर, वैशाली में भी म्यूजियम स्थापित करेगा। (नईदुनिया)
और भी
मोबाइल से बंद कर सकते हैं पंखा!
मायावति को मध्यप्रदेश से आस
अमरिन्दरसिंह के खिलाफ समन
शहाबुद्दीन को जमानत मिली
सिर कटे शव मिलने से सनसनी
वसुंधरा के पाँच नए 'सिपहसालार'