गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर मंगलवार को एक और पारी की शुरुआत की तैयारी में जुटे नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को इस विचार को दरकिनार कर दिया कि वह अपनी माँ (भाजपा) से बड़े हैं। विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के एक दिन बाद मोदी ने पार्टी के बागी नेताओं तक पहुँचने की भी कोशिश की जिन्हें उन्हें रोकने की कोशिश में मुँह की खानी पड़ी है। नवनिर्वाचित विधायकों के नेता चुने गए मोदी बदली योजना के मुताबिक कल पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के जन्मदिन यानी 25 दिसंबर को सरदार पटेल स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। भावनाओं से लबालब नजर आ रहे मोदी ने मीडिया की विकृत मानसिकता पर निशाना साधा, जिसने उन्हें पार्टी से बड़े नेता के तौर पर पेश किया। यह बयान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को आश्वस्त कर सकता है, जिन्हें मोदी की जीत में उनकी हार की आशंका दिखाई जाने लगी थी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एम. वेंकैया नायडू और अरुण जेटली की मौजूदगी में विधायकों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा जो लोग कहते हैं कि मोदी पार्टी से बड़े हैं, वह भाजपा और संघ के इतिहास से वाकिफ नहीं है। राजनीति इतनी क्रूर हो गई है कि आज यह सवाल किया जा रहा है कि क्या बेटा माँ से बड़ा हो गया है।
ताजपोशी मंगलवार को : भाजपा ने एक बयान में कहा कि 57 वर्षीय मोदी को राज्यपाल नवलकिशोर शर्मा कल सरदार पटेल स्टेडियम में अपराह्न 12 बजकर 50 मिनट पर शपथ दिलाएँगे। पूर्व में मोदी के 27 दिसंबर को शपथ ग्रहण करने का कार्यक्रम था।
मंत्रिमंडल का इस्तीफा : गुजरात में मौजूदा सरकार का कार्यकाल सोमवार को खत्म हो रहा था, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्यपाल शर्मा से मिले और उन्हें राज्य मंत्रिमंडल का इस्तीफा सौंप दिया।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोदी ने आज सुबह राजभवन जाकर राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा। इस्तीफा स्वीकार करते हुए शर्मा ने मोदी से अगली सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते रहने को कहा। राज्यपाल ने जीत हासिल करने के लिए मोदी को बधाई भी दी।
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