असम में प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी अल कायदा के साथ मिलकर कथित तौर पर हमले की साजिश संबंधी खुफिया खबरों के बाद राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
खुफिया सूत्रों ने रविवार को बताया कि आईएसआई अलकायदा के साथ मिलकर राज्य के धार्मिक स्थलों पर हमले की योजना बना रही है। इसमें यहाँ शहर के नीलांचल पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर भी शामिल है।
आईएसआई ने 21 दिसंबर को पाकिस्तान की एक मस्जिद में बम विस्फोट के बाद यह योजना बनाई। पाकिस्तान की मस्जिद में विस्फोट के बाद केन्द्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर राज्य में सामान्य हाईअलर्ट घोषित किया गया था।
सूत्रों ने बताया कामाख्या मंदिर ही नहीं बल्कि अन्य धार्मिक स्थल और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को भी निशाना बनाने की योजना है, इसलिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
कामरूप जिला प्रशासन भी मंदिर प्रशासन के रवैए से चिंतित है। मंदिर प्रशासन ने मंदिर के बाहर पुलिस चौकी स्थापित करने का विरोध किया है।
इससे पहले अलकायदा ने भाजपा की असम इकाई के अध्यक्ष रामेन डेका तथा अखिल असम छात्र संघ के सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य को मार डालने की धमकी दी है। इस तथ्य से भी चिंता बढ़ जाती है कि हाल के वर्षों में नीलांचल पहाड़ी से कई उग्रवादियों को पकड़ा जा चुका है।
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