छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में आतंक का पर्याय बन चुके नक्सलियों ने इस वर्ष अनेक दिल दहला देने वाली घटनाओं को अंजाम देते हुए 188 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों समेत 350 लोगों की हत्या कर 150 से अधिक आधुनिक हथियार लूटे।
आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक अंचल में सक्रिय माओवादी नक्सलियों ने उनके खिलाफ छेड़े गए अभियान सलवा जुडूम से बौखलाकर इस वर्ष जनवरी से अभी तक औसतन प्रतिदिन एक व्यक्ति की हत्या की।
कथित तौर पर बंदूक के दम पर सत्ता परिवर्तन के सिद्धांत में विश्वास करने वाले नक्सलियों ने एक वर्ष में 164 निर्दोष आदिवासियों को मौत के घाट उतार दिया। कुल शहीद 227 हुए पुलिस कर्मचारियों में 66 विशेष पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
इस अवधि में 227 मुठभेड़ों में 65 नक्सली मारे गए तथा उनसे 75 हथियार बरामद किए गए। वर्ष के दौरान 179 संघम सदस्यों की गिरफ्तारी के अलावा 112 सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया।
बस्तर अंचल में फैले सघन वन और भोगौलिक संरचना का फायदा उठाते हुए नक्सलियों ने 15 मार्च को बीजापुर जिले के रानीबोदली पुलिस शिविर पर हमला कर वर्ष की सबसे बड़ी घटना को अंजाम दिया। इसमें 55 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। इनमें 39 विशेष पुलिस अधिकारी भी शामिल थे।
नक्सलियों की ही एक योजना के मुताबिक हाल में 16 दिसंबर को दंतेवाड़ा जिला जेल से 298 कैदी फरार हो गए, जिनमें 105 नक्सली और संघम सदस्य शामिल है।
इस मामले में जेलर के विरुद्ध देशद्रोह का मामला दर्ज कर लिया गया है। नक्सलियों ने नारायणपुर जिले के झाराघाटी के पास एक जून को बिजली के टावर को विस्फोट के जरिए क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ।
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